Ghatsila. पूर्वी सिंहभूम जिले के डुमरिया प्रखंड के बकराकोचा गांव में मलेरिया से 13 वर्षीय बच्चे शेखर मार्डी की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। बच्चे की मौत के बाद गांव में पहुंची मेडिकल टीम ने 72 ग्रामीणों की जांच की, जिसमें चार लोग मलेरिया से संक्रमित पाए गए। संक्रमितों में एक पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं। सभी मरीजों को दवा उपलब्ध कराई गई है।

जानकारी के अनुसार, बकराकोचा गांव के बड़ा पहाड़ टोला निवासी शेखर मार्डी प्राथमिक विद्यालय में पढ़ता था। वह 17 अक्टूबर को अपने परिवार के साथ आदित्यपुर गया था। 19 अक्टूबर को उसे सर्दी, बुखार और खांसी की शिकायत हुई। इसके बाद मेडिकल स्टोर से दवा ली गई, लेकिन उसकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ। 20 अक्टूबर को वह अपने गांव लौट आया। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने स्थानीय सहिया से संपर्क किया। सहिया ने बच्चे को मुसाबनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की सलाह दी, लेकिन परिजन उसे निजी चिकित्सक के पास ले गए। स्थिति गंभीर होने पर उसे मुसाबनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान 21 अक्टूबर को बच्चे की मौत हो गई।

स्वास्थ्य विभाग ने तेज की जांच
बच्चे की मौत की जानकारी मिलने के बाद सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल के निर्देश पर 22 अक्टूबर को मेडिकल टीम बकराकोचा गांव पहुंची। टीम में जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. असद, जिला मलेरिया पदाधिकारी एमपीडब्ल्यू सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल थे। जांच के दौरान हीरा कालिंदी, सलमा सोरेन, सुनी मार्डी और रंजीत सोरेन मलेरिया से संक्रमित पाए गए। जांच में शेखर के हीमोग्लोबिन का स्तर भी कम पाया गया था। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की रिपोर्ट सिविल सर्जन, राज्य सर्विलांस पदाधिकारी, राज्य मलेरिया पदाधिकारी और जिला उपायुक्त को भेजी है।

