


New Delhi. विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के 24 दलों के प्रमुख नेताओं ने शनिवार को ऑनलाइन बैठक की, जिसमें पहलगाम आतंकी हमले, ऑपरेशन सिंदूर को अचानक रोके जाने, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता संबंधी दावे, बिहार में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कई अन्य मुद्दों को लेकर संसद के मानसून सत्र में सरकार को घेरने की रणनीति पर चर्चा की गई. बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, शिवसेना (उबाठा) के उद्धव ठाकरे, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य और कुछ अन्य नेता शामिल हुए.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने संवाददाताओं से कहा कि बैठक बहुत ही सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई. उन्होंने कहा कि बैठक में सबका स्वर एक रहा. सबसे ज्यादा प्राथमिकता का मुद्दा पहलगाम का है. नेताओं ने इस पर चिंता व्यक्त की है कि हमला करने वाले आतंकियों को अब तक न्याय के कठघरे में क्यों नहीं लाया गया है.
तिवारी का कहना था कि ट्रंप के दावे और इस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चुप्पी के मुद्दे पर चर्चा की गई. कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री को ट्रंप के दावे पर जवाब देना चाहिए. तिवारी ने कहा कि इस ऑनलाइन बैठक के बाद शीघ्र ही सभी नेताओं की एक प्रत्यक्ष बैठक होगी. संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से आरंभ हो रहा है और 21 अगस्त कुल 21 बैठकें प्रस्तावित हैं.



