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Indian Railway: मालगाड़ियों व यात्री रेलगाड़ियों के पटरी से उतरने की घटनाओं पर Rail Board गंभीर, अध्यक्ष ने रेल मंडलों के वरिष्ठ अधिकारियों को दी हिदायत

New Delhi. रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार ने हाल में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए विभिन्न रेल मंडलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और इस साल जनवरी में चार मालगाड़ियों तथा दो यात्री रेलगाड़ियों के पटरी से उतरने की घटनाओं समेत कई मुद्दों पर चर्चा की. रेलवे सूत्रों ने बताया कि कुमार ने कई सुधारात्मक उपाय सुझाए जैसे जमीनी स्तर पर रहने वाले कर्मियों की काउंसलिंग, रेल डिब्बों का नियमित निरीक्षण तथा संबंधित रेल मंडलों द्वारा समय-समय पर वहां सुरक्षा अभियान चलाना, जहां ऐसी घटनाएं हुईं. उन्होंने बताया कि 15 फरवरी को कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये एक बैठक की थी, जिसमें रेलगाड़ियों की ‘शंटिंग’ के दौरान लापरवाही, क्रॉसिंग का निरीक्षण, पटरियों की अल्ट्रासोनिक खराबी का पता लगाने की विश्वसनीयता, पेयजल और शौचालयों की उचित उपलब्धता जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई थी.

रेल मंडल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अध्यक्ष ने परिचालन सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर जोर दिया और जनवरी 2025 में मालगाड़ियों तथा यात्री रेलगाड़ियों के पटरी से उतरने की घटनाओं को गंभीरता से लिया. उन्होंने सभी दुर्घटनाओं के कारणों पर गौर किया और आवश्यक कदम उठाने का सुझाव दिया. दो जनवरी को सहरसा रेल यार्ड में एक यात्री गाड़ी का डिब्बा पटरी से उतर गया. चर्चा के दौरान ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए डिब्बों का नियमित निरीक्षण और सुरक्षा अभियान चलाने का सुझाव दिया गया. नौ जनवरी को फिरोजपुर मंडल में एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई, क्योंकि कर्मचारियों ने इंजन को स्थिर करने के लिए इस्तेमाल की गई लकड़ी की कील को हटाए बिना ही उसे चालू कर दिया था. तीसरी घटना में 10 जनवरी को भोपाल मंडल में एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई थी.

सूत्रों ने बताया कि कुमार ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उचित परामर्श और शंटिंग दिशानिर्देशों के कार्यान्वयन का सुझाव दिया. इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा कि आने वाले दिनों में विभिन्न संभागों के वरिष्ठ अधिकारी उनके सुझावों पर कार्रवाई करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि ऐसी कोई घटना दोबारा न हो.

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