जमशेदपुर: सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (CSIR-NML), जमशेदपुर में शुक्रवार को CSIR-जिज्ञासा कार्यक्रम के तहत राजेन्द्र विद्यालय के 102 विद्यार्थियों और 5 शिक्षकों के लिए प्रयोगशाला भ्रमण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जागरूकता बढ़ाना और उन्हें वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीक एवं नवाचार की दुनिया से परिचित कराना था। छात्र दल का नेतृत्व प्रणब दत्ता और रूपा दत्ता ने किया।
NML के 75 वर्षों के योगदान से विद्यार्थियों को कराया परिचित
कार्यक्रम की शुरुआत उद्घाटन सत्र से हुई। CSIR-NML के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी ने स्वागत संबोधन में विद्यार्थियों और शिक्षकों का स्वागत किया। उन्होंने देश के विकास और राष्ट्र निर्माण में CSIR-NML के पिछले 75 वर्षों के योगदान पर प्रकाश डाला।
उन्होंने प्रयोगशाला की विभिन्न तकनीकी उपलब्धियों, अनुसंधान कार्यों और नवाचारों की जानकारी देते हुए बताया कि वैज्ञानिक शोध को उद्योग और समाज की जरूरतों से जोड़ने में संस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
इसके बाद वैज्ञानिक-ई डॉ. अनिमेष जाना ने CSIR-जिज्ञासा कार्यक्रम के उद्देश्यों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और जिज्ञासा विकसित करने तथा वैज्ञानिकों और युवा प्रतिभाओं के बीच संवाद को बढ़ावा देने की कार्यक्रम की परिकल्पना को समझाया।
वैज्ञानिकों से संवाद कर समझी शोध की प्रक्रिया
प्रयोगशाला भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को CSIR-NML के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के साथ संवाद करने का अवसर मिला। वैज्ञानिकों ने संस्थान में चल रही विभिन्न अनुसंधान गतिविधियों के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी।
विद्यार्थियों ने विभिन्न अनुसंधान प्रयोगशालाओं का भ्रमण किया, जहां उन्होंने अत्याधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों, प्रयोगात्मक तकनीकों और प्रयोगशाला में अपनाई जाने वाली कार्यप्रणाली को नजदीक से देखा।
इस दौरान विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि वैज्ञानिक ज्ञान और शोध को किस तरह समाज एवं उद्योग के लिए उपयोगी व्यावहारिक तकनीकों और अनुप्रयोगों में बदला जाता है।
क्विज में विद्यार्थियों ने लिया उत्साह से हिस्सा
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों के लिए एक रोचक प्रश्नोत्तरी (क्विज) आयोजित की गई। इसका उद्देश्य प्रयोगशाला भ्रमण के दौरान दी गई वैज्ञानिक जानकारियों को दोहराना और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देना था।
विद्यार्थियों ने क्विज में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने वैज्ञानिक गतिविधियों को लेकर अपनी जिज्ञासा और रुचि दिखाई।
प्रयोगशाला भ्रमण के समापन पर विद्यार्थियों और शिक्षकों ने इसे ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक अनुभव बताया। उन्होंने CSIR-NML में अनुसंधान गतिविधियों और वैज्ञानिक कार्यों को करीब से देखने का अवसर मिलने पर संतोष व्यक्त किया।