


- संकटा सिंह पेट्रोल पंप चौक पर जांच के नाम पर गर्भवती की प्रताड़ना पर जनविरोध बड़ा संदेश
- चेकिंग में बीमार, वृद्ध, महिलाओं का भी नहीं रखा जाता ख्याल, सांसद-विधायक का मौन संदिग्ध
जमशेदपुर. झारखंड में कानून व्यवस्था कायम करने के लिए डीजीपी नीरज सिन्हा चाहे जो प्रयास कर लें, जमशेदपुर में बैठा पुलिस का एक अदना जवान भी व्यवस्था को ठेंगा दिखाने से नहीं चूक रहा. आलम यह है कि प्रचंड बहुमत से बनी झामुमो सरकार के विधायक भी अफसरशाही व पुलिस के आगे बेबस नजर आ रहे. शहर में चल रहे पुलिस के ”चेकिंग जाम” को लेकर हेमंत सरकार अपने ही लोगों से घिरी नजर आ रही है.

आलम यह है कि ट्रैफिक पुलिस की जांच पर विधानसभा में सवाल उठाने वाले पोटका विधायक संजीव सरदार भी पुलिस के आगे बेबस व लाचार नजर आ रहे है. पूर्व में उनकी चेतावनी का कोई असर नहीं रहा. अब वह कभी एसएपी तो कभी डीएसपी से गुहार लगा रहे. बुधवार को स्टेशन संकटा सिंह पेट्रोल पंप चौक पर जांच के नाम पर गर्भवती की प्रताड़ना के मामले में जनविरोध के बाद सामने आये विधायक जी ने डीएसपी ट्रैफिक से जांच व कार्रवाई का अनुरोध किया है.
चेकिंग में नाम पर लगाया जाता है जाम
जनता सवाल यह उठा रही है कि शहर में जाम को रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस की यह मुस्तैदी क्यों नजर नहीं आती? जुगसलाई पावर हाउस गेट, स्टेशन बर्मामाइंस ओवरब्रिज पर तो एक ओर पुलिस की चेकिंग चल रही होती है तो दूसरी ओर जाम लगा रहता है लेकिन कभी जाम को खत्म कराने को ट्रैफिक पुलिस के जवान तत्परता नहीं दिखाते. उनकी चिंता वाहनों की धर-पकड़ तक सीमित रहती है. आखिर ”चेकिंग के नाम पर जाम” लगाने वाली ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार को लेकर सांसद-विधायकों से जनता की उम्मीद क्यों दम तोड़ रही है? आखिर इन लोगों ने सालों से चल रही इस जर्जर व्यवस्था को सुधारने की क्या पहल की?
हेमंत सरकार तक नहीं पहुंच रही संजीव सरदार की पुकार
शहर के लोग हर चौक-चौराहें, सड़क पर पुलिस के ”चेकिंग जाम” से त्रस्त है. हर दिन दर्जनों लोगों के साथ जांच के नाम पर दुर्व्यवहार किया जा रहा है. सरकारी वसूली में जुटी पुलिस की टीम बीमार, वृद्ध, महिलाओं को भी नहीं छोड़ रही है. जांच के नाम पर वसूली का खेल चल रहा है. विधायक संजीव सरदार ने स्टेशन रोड की घटना के बाद सवाल उठाया कि सीसीटीवी कैमरे के सामने चेकिंग करने का निर्देश है तो उसका पालन क्यों नहीं किया जा रहा ? यह मामला विधानसभा में उठाया. एसएसपी और ट्रैफिक डीएसपी के सामने भी उठाया लेकिन बात नहीं बनी. लोगों का कहना है क्यों पोटका विधायक संजीव सरकार की आवाज हेमंत सरकार तक नहीं पहुंच पा रही है ?
आजसू ने कहा – करेंगे आंदोलन-देंगे धरना
वहीं स्टेशन रोड घटनाक्रम के बाद आजसू मुखर है. आजसू नेता कन्हैया सिंह ने कहा कि गर्भवती संग बदसलूकी के खिलाफ पार्टी धरना देकर विरोध दर्ज करायेगी. जिला प्रशासन से चेकिंग में पारदर्शिता के दावे पर स्पष्टीकरण मांगा जायेगा. कन्हैया सिंह का कहना था कि पुलिस जांच के नाम पर कभी बच्ची को परीक्षा से वंचित कर देती है तो किसी पिता के श्राद्ध कर्म में जा रहे बेटे को रोकती है. अस्पताल जाने वालों के अलावा वृद्ध व महिलाएं भी प्रताड़ना का शिकार बनते हैं.



