


Jamshedpur. जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय शनिवार को स्थानीय लोगों की शिकायत पर अचानक सोनारी पहुंचे. उन्होंने सबसे पहले जेएनएसी के अस्थायी डिपो का निरीक्षण किया. निरीक्षण में उन्हें कई खामियां मिलीं. औचक निरीक्षण के क्रम में उनके जनसुविधा प्रतिनिधि मुकुल मिश्रा भी साथ में थे. श्री राय ने बताया कि अस्थायी डिपो में हाजिरी रजिस्टर था ही नहीं. कहीं इस बात का जिक्र नहीं था कि आज कौन मजदूर किस क्षेत्र में जाएगा जबकि यह जरूरी है.
वहां मौजूद मुंशी के व्यवहार के बारे में भी लोगों ने नाराजगी जताई. मुंशी के व्यवहार के बारे में भी विधायक से शिकायत की गई. सरयू राय ने बताया कि सुबह साढ़े आठ बजे तक अस्थायी डिपो में मात्र 22 मजदूर ही जमा हुए थे. इनमें स्त्री और पुरुष दोनों थे. उन्हें बताया गया कि 50 मजदूरों को 8 बजे सुबह तक जरूर आना है. आज मात्र 22 ही आए. इसका कारण पूछने पर मुंशी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका.
विधायक को जानकारी मिली थी कि जेएनएसी की ओर से इस डिपो की निगरानी के लिए कुल पांच सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं, लेकिन निरीक्षण के समय एक भी सुपरवाइजर मौके पर मौजूद नहीं था. मजदूरों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका ईएसआई और पीएफ महीनों से जमा नहीं किया गया है। इसके साथ ही हर महीने वेतन से 50 रुपये की कटौती होती है, जिसका कोई हिसाब-किताब नहीं दिया जाता.
एक अन्य बड़ी शिकायत यह भी मिली कि डोर-टू-डोर सफाई कार्य में केवल महिला मजदूरों को ही भेजा जाता है, जबकि पुरुष मजदूरों को दरकिनार कर दिया जाता है. मुंशी ने दावा किया कि प्रतिदिन दो मजदूर भेजे जाते हैं, लेकिन मजदूरों ने इसे गलत बताया और कहा कि कई बार केवल एक ही महिला मजदूर को भेजा जाता है. विधायक ने इन सभी अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए मुंशी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है.



