Jamshedpur. जमशेदपुर पश्चिम और पूर्व से जुड़े कुछ राजनीतिक एवं कथित भ्रष्ट समूहों पर निशाना साधते हुए जमशेदपुर पश्चिम के जदयू विधायक सरयू राय ने अपने खिलाफ सुनियोजित तरीके से अभियान चलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि पराजित मानसिकता और हीन भावना से ग्रस्त कुछ लोग उनके खिलाफ झूठे आरोप गढ़कर अलग-अलग मंचों पर शिकायत कर रहे हैं। एक मंच पर सफलता नहीं मिलने पर उन्हीं आरोपों को दूसरे मंच पर उठाया जा रहा है। सरयू राय ने इस पूरी कवायद को ‘फोरम हंटिंग’ करार दिया है।सरयू राय ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट के माध्यम से आरोप लगाया कि पिछले करीब दो वर्षों से उनके खिलाफ जमशेदपुर पूर्वी और पश्चिमी से जुड़े कुछ लोगों की मिलीभगत से यह अभियान चलाया जा रहा है।

उन्होंने आरोपों के क्रम का उल्लेख करते हुए बताया कि पहले एक व्यक्ति ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। इसके बाद उसी मामले को लेकर दूसरे व्यक्ति ने निगरानी विभाग में शिकायत की। फिर मामला हाईकोर्ट पहुंचाया गया, लेकिन वहां सफलता नहीं मिली तो दोबारा थाने में आवेदन दिया गया। वहां भी कार्रवाई नहीं होने पर उन्हीं आरोपों के आधार पर निचली अदालत में शिकायतवाद दायर किया गया।

विधायक के अनुसार, निचली अदालत में शिकायत खारिज होने के बाद मुसाबनी के सुखो मुखी नामक व्यक्ति के माध्यम से अदालत में एक और मामला दर्ज कराया गया। यह प्रयास भी सफल नहीं हुआ तो जमशेदपुर पूर्वी से जुड़े एक नेता जी. कुमार के माध्यम से निगरानी विभाग में शिकायत कराई गई। उन्होंने इसे एक ही आरोप को अलग-अलग संस्थाओं और कानूनी मंचों पर बार-बार उठाने की कोशिश बताया।सरयू राय ने अपने पोस्ट में एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान आरोप लगाने वाले समूह के एक व्यक्ति को उसी विभाग का मंत्री बनने का अवसर मिला, जिस विभाग का प्रभार पहले उनके पास था।सरयू राय का आरोप है कि मंत्री बनने के बाद संबंधित व्यक्ति ने अपने स्तर से एक और मंच तैयार किया और कोशिश की कि पुराने आरोपों के आधार पर उन्हें गिरफ्तार कराया जा सके।
हालांकि, उनके मुताबिक विभागीय अधिकारियों ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया और गिरफ्तारी की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इसके बाद संबंधित मंत्री की सिटी-पिटी गुम हो गई।
अब नए मंच की तलाश में होने का दावा
सरयू राय ने कहा कि पिछले दो वर्षों से जमशेदपुर पूर्वी और पश्चिमी के कुछ लोगों की मिलीभगत से उनके खिलाफ यह सिलसिला चल रहा है। एक के बाद एक कानूनी और प्रशासनिक मंचों पर शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर अब ऐसे लोग किसी नए मंच की तलाश में हैं।

