


जमशेदपुर।
दक्षिण पूर्व रेलवे के टाटानगर स्थित इलेक्ट्रिक लोको पायलट ट्रेनिंग सेंटर में रेल सिविल डिफेंस विभाग द्वारा लोको पायलटों के लिए फायर आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य रेल इंजनों में अचानक आग लगने जैसी आपातकालीन स्थिति में लोको पायलटों को तत्परता और सुरक्षित कार्रवाई के लिए तैयार करना था।
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प्रशिक्षण का नेतृत्व सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने किया। उन्होंने लोको पायलटों को बताया कि रेल इंजन में आग लगने की स्थिति में फायर संयंत्र (Fire Extinguisher) का सही ढंग से प्रयोग करना कितना जरूरी है। उन्होंने फायर उपकरणों के सही रख-रखाव, उपयोग की सावधानियों और उसके उचित स्थान पर संग्रहण की विस्तृत जानकारी दी।

इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि, “एक लोको पायलट की सतर्कता और सूझबूझ से रेलवे को करोड़ों रुपये की संपत्ति की हानि से बचाया जा सकता है।” उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से यह बताया कि त्वरित कार्रवाई कैसे बड़े हादसों को टाल सकती है।
प्रशिक्षण के दौरान सिविल डिफेंस डेमोंस्ट्रेटर शंकर प्रसाद ने फायर उपकरणों के वास्तविक उपयोग का मॉक ड्रिल (Mock Drill) कराकर प्रशिक्षणार्थियों को उनकी प्रयोग विधियों का व्यावहारिक अनुभव भी कराया। इसके अलावा एलपीजी गैस लीक होने पर आग बुझाने की अलग-अलग तकनीकों और सावधानियों की भी जानकारी दी गई।
इस प्रशिक्षण में दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर, आद्रा, रांची और खड़गपुर मंडलों से आए लोको पायलट प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में ट्रेनिंग सेंटर के सभी अनुदेशक व कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे और उन्होंने प्रशिक्षुओं के साथ मिलकर प्रशिक्षण सत्र को सफल बनाया।
रेल प्रशासन का मानना है कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम सेफ्टी-फर्स्ट अप्रोच को मजबूत करते हैं और लोको पायलटों को आपात स्थितियों से निपटने के लिए मानसिक और तकनीकी रूप से सशक्त बनाते हैं।



