


जमशेदपुर। जिला के समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सहकारिता, मत्स्य, पशुपालन, उद्यान, भूमि संरक्षण और जेएसएलपीएस (JSLPS) सहित कई संबद्ध विभागों की योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। उपायुक्त ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए।
बुरूडीह डैम में केज कल्चर और 10 मॉडल तालाब
मत्स्य विभाग की समीक्षा करते हुए उपायुक्त राजीव रंजन ने जिले में मछली उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नई तकनीक अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को प्रसिद्ध बुरूडीह डैम में ‘केज कल्चर’ तकनीक के माध्यम से मत्स्य पालन प्रारंभ करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, बैठक में मौजूद उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान ने जिले के भीतर मत्स्य पालन को आधुनिक रूप देने के लिए कम से कम 10 मॉडल तालाब विकसित करने की योजना पर विशेष बल दिया।
15 जून तक धान उठाव और दुग्ध संग्रहण बढ़ाने पर जोर
सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने लैंपसों (LAMPS) में 31 मार्च तक की गई धान अधिप्राप्ति और उसके ऑनलाइन अपलोड की स्थिति की जानकारी ले। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि लैंपसों में बचे हुए लगभग 35 हजार क्विंटल धान का उठाव 15 जून तक मिलरों के माध्यम से हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही, बहरागोड़ा क्षेत्र में वर्तमान में हो रहे प्रतिदिन 5,000 लीटर दुग्ध संग्रहण की सराहना करते हुए उन्होंने दुग्ध संग्रहण और विपणन व्यवस्था का विस्तार करने तथा अधिक से अधिक दुग्ध उत्पादकों को नई सहकारी समितियों से जोड़ने का निर्देश दिया।
बागवानी, मधुमक्खी पालन और स्ट्रॉबेरी की खेती को बढ़ावा
उद्यान और भूमि संरक्षण विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने जिले में पारंपरिक खेती से हटकर नई कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने को कहा। उन्होंने जिले के संभावित क्षेत्रों में नर्सरी विकसित करने, मधुमक्खी पालन और स्ट्रॉबेरी की खेती जैसी औद्यानिकी गतिविधियों को विस्तार देने पर विशेष जोर दिया। साथ ही, माली प्रशिक्षण कार्यक्रम से अधिक से अधिक ग्रामीण युवाओं को जोड़ने को कहा। वहीं, भूमि संरक्षण विभाग को डीप बोरिंग, मिनी ट्रैक्टर और पंपसेट योजना के लाभुकों का भौतिक सत्यापन कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।
किसानों को समय पर केसीसी और पशुधन का वितरण
आगामी खरीफ मौसम को देखते हुए उपायुक्त ने अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM) को निर्देश दिया कि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के आवेदनों की स्वीकृति में तेजी लाई जाए और किसानों को समय पर वित्तीय सहायता पहुंचाई जाए। इसके अलावा, पशुपालन विभाग को ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के लिए बकरा, सुकर और कुक्कुट (मुर्गी) सहित अन्य पशुधन का वितरण जल्द से जल्द पूरा करने की हिदायत दी।
बैठक में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी सहित अन्य सभी संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।



