


JAMSHEDPUR | ब्रेन मलेरिया को लेकर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। शनिवार को उपायुक्त राजीव रंजन ने एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और सदर अस्पताल पहुंचकर ब्रेन मलेरिया से पीड़ित मरीजों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मरीजों एवं उनके परिजनों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना तथा चिकित्सकों से इलाज की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिया कि ब्रेन मलेरिया से पीड़ित मरीजों को हर संभव बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि दवा, जांच, रक्त, बेड अथवा अन्य आवश्यक सुविधाओं की किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। गंभीर मरीजों की विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में लगातार देखभाल सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
सभी मरीजों की स्थिति स्थिर
अस्पताल निरीक्षण के बाद उपायुक्त ने बताया कि वर्तमान में एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल तथा सदर अस्पताल में भर्ती सभी ब्रेन मलेरिया पीड़ित मरीजों की स्थिति स्थिर है। चिकित्सकों की टीम लगातार मरीजों की निगरानी कर रही है। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी गंभीरता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और सभी आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
पोटका में चल रहा विशेष स्वास्थ्य अभियान
ब्रेन मलेरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड के प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत घर-घर सर्वेक्षण, बुखार की जांच, मलेरिया स्क्रीनिंग, दवा वितरण और मच्छरदानी के उपयोग को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही संक्रमण की रोकथाम के लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है।
राज्य स्वास्थ्य विभाग की टीम कर रही निगरानी
राज्य स्वास्थ्य विभाग की विशेषज्ञ टीम भी लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का आकलन कर रही है। जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य कर्मियों को ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक सतर्कता बरतने और संदिग्ध मरीजों की तत्काल जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
आमजन से प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द या अन्य मलेरिया संबंधी लक्षण दिखाई दें तो स्वयं उपचार करने के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। साथ ही नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करें, घर एवं आसपास साफ-सफाई रखें और जलजमाव नहीं होने दें। प्रशासन ने कहा कि समय पर जांच और उपचार से ब्रेन मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से होने वाली जटिलताओं से बचा जा सकता है।
निरीक्षण के दौरान डीडीसी, एसडीएम धालभूम, मेडिकल कॉलेज प्रशासन, चिकित्सकों की टीम, जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।




