


जमशेदपुर: जिले को नशामुक्त बनाने और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। समाहरणालय सभागार में जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त श्री राजीव रंजन की अध्यक्षता में नार्कोटिक्स समन्वय समिति (NCORD) की उच्चस्तरीय बैठक हुई। इस बैठक में जिले के 10 चिन्हित ‘हॉट स्पॉट’ क्षेत्रों पर विशेष रूप से मंथन किया गया और अधिकारियों को मादक पदार्थों की तस्करी, भंडारण एवं बिक्री के खिलाफ लगातार सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
पुलिस और उत्पाद विभाग का बनेगा मजबूत नेटवर्क
उपायुक्त ने पुलिस एवं उत्पाद विभाग को आपसी समन्वय (Coordination) के साथ काम करने और अपने सूचना तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने का निर्देश दिया है। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि:
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त्वरित अनुसंधान: मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में अनुसंधान की गति बढ़ाई जाए ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके।
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जागरूकता अभियान: विद्यालय और महाविद्यालय स्तर पर नशे के दुष्प्रभावों के प्रति छात्रों को जागरूक करने के लिए नियमित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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पुनर्वास पर बल: नशा मुक्ति और पुनर्वास से संबंधित सेवाओं को जमीनी स्तर पर सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया है।
नशे के खिलाफ आपकी एक सूचना बनेगी ‘गेम चेंजर’
जिला प्रशासन ने जमशेदपुर वासियों से अपील की है कि वे समाज को नशामुक्त बनाने में अपना योगदान दें। यदि आपको ड्रग्स के अवैध व्यापार, सेवन या परिवहन से संबंधित कोई भी जानकारी मिलती है, तो उसे तुरंत प्रशासन के साथ साझा करें। आपकी सूचना कार्रवाई का मुख्य आधार बनेगी और आपकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
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टोल फ्री नंबर: 112
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पुलिस कंट्रोल रूम: 0657-2431028
बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वकारिब, रेल एसपी, डीटीओ और संबंधित विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।

