


जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमिटी के तत्वावधान में शहीद दिवस के अवसर पर बिष्टूपुर स्थित तिलक पुस्तकालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने महान क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
शहीदों को पुष्पांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। उपस्थित नेताओं ने उनके बलिदान को नमन करते हुए उन्हें याद किया।
बलिदान को बताया प्रेरणादायक
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में कई वीरों ने अपने प्राण न्यौछावर किए, लेकिन भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव का बलिदान विशेष रूप से प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि 23 मार्च 1931 का दिन भारतीय इतिहास में अमर है, जब इन तीनों क्रांतिकारियों को लाहौर जेल में फांसी दी गई।
युवाओं के लिए प्रेरणा
वरिष्ठ नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि भगत सिंह बचपन से ही देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत थे और उन्होंने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई। राजगुरु और सुखदेव ने भी उनके साथ मिलकर देश की आजादी के लिए संघर्ष किया। तीनों की मित्रता, साहस और त्याग आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
क्रांति का सही अर्थ बताया
नेताओं ने कहा कि इन क्रांतिकारियों के अनुसार क्रांति का अर्थ केवल हिंसा नहीं, बल्कि समाज में अन्याय और शोषण के खिलाफ जागरूकता फैलाना है। उन्होंने अपने विचारों से युवाओं को जागृत किया और देशभक्ति की नई लहर पैदा की।
देश के प्रति समर्पण का संदेश
कार्यक्रम में मौजूद सभी कांग्रेसजनों ने शपथ ली कि वे शहीदों के आदर्शों पर चलेंगे और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे। वक्ताओं ने कहा कि शहीद दिवस हमें एकता, साहस और समर्पण का संदेश देता है।
कई नेता रहे मौजूद
इस अवसर पर राजकिशोर यादव, के.के. शुक्ल, अमरजीत नाथ मिश्र, अंकुश बनर्जी, मुन्ना मिश्र सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन संजय सिंह आजाद ने किया।



