


जमशेदपुर। घाटशिला प्रखंड के नयाग्राम निवासी संतोष कुमार मिश्रा, जो सब्जी बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं, अपनी चार माह की पुत्री विहा मिश्रा के जीवन को बचाने के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। गंभीर बीमारी से जूझ रही मासूम विहा के इलाज में परिवार की पूरी जमा-पूंजी खर्च हो चुकी है। ऐसे कठिन समय में जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू की पहल पर मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
जन्म के कुछ दिनों बाद ही गंभीर बीमारी की चपेट में आई मासूम
परिजनों के अनुसार, जन्म के कुछ दिनों बाद ही विहा मिश्रा को मेकोनियम एस्पिरेशन सिंड्रोम (Meconium Aspiration Syndrome) और राइट सबड्यूरल हेमाटोमा (Right Subdural Hematoma) जैसी गंभीर बीमारियों ने अपनी चपेट में ले लिया। बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुंबई के एक अस्पताल में उसकी ब्रेन सर्जरी करानी पड़ी।
अब तक मासूम के इलाज पर करीब 14 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। चिकित्सकों ने आगे एक और सर्जरी की आवश्यकता बताई है, जिसके लिए लगभग पांच लाख रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था करनी होगी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के सामने यह एक बड़ी चुनौती बन गई है।
विधायक पूर्णिमा साहू ने मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा था पत्र
आर्थिक संकट से जूझ रहे संतोष कुमार मिश्रा ने अपनी पुत्री के इलाज के लिए जनप्रतिनिधियों से मदद की अपील की थी। इसी क्रम में वे जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू से मिले और बच्ची के इलाज में सहयोग की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक पूर्णिमा साहू ने तत्काल पहल करते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र भेजा। अपने अनुशंसा पत्र में उन्होंने गंभीर रूप से बीमार बच्ची के समुचित इलाज एवं आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री राहत कोष से स्वीकृत हुई आर्थिक सहायता
विधायक की पहल और अनुशंसा पर सकारात्मक कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने 24 जून को विहा मिश्रा के उपचार के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की। इसके तहत परिवार को सहायता राशि का चेक उपलब्ध कराया गया।
विधायक पूर्णिमा साहू ने मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मासूम विहा के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे संकट की घड़ी में जरूरतमंद परिवारों के साथ खड़े रहें।



