


जमशेदपुर : राजीव रंजन ने समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित जनशिकायत निवारण दिवस में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। इस दौरान जनहित से जुड़े कई मामलों का ऑन द स्पॉट समाधान किया गया, वहीं संबंधित विभागीय अधिकारियों को लंबित मामलों के त्वरित एवं निष्पक्ष निष्पादन का निर्देश दिया गया।
दिव्यांगजनों को मिला ई-ट्राइ साइकिल
जनशिकायत निवारण दिवस के दौरान उपायुक्त की पहल पर दो दिव्यांगजनों को ई-ट्राइ साइकिल भी उपलब्ध कराई गई। इससे दिव्यांग लाभुकों में खुशी देखी गई। जिला प्रशासन की इस पहल को लोगों ने सराहा और इसे जरूरतमंदों के लिए राहतभरा कदम बताया।
विभिन्न समस्याओं को लेकर पहुंचे लोग
जनशिकायत निवारण दिवस में घर खाली कराने से संबंधित विवाद, राहरगोड़ा-बारिगोड़ा क्षेत्र में सड़क निर्माण, सिलिकोसिस पीड़ितों को चिकित्सा सहायता, आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में नामांकन, सेवानिवृत्त शिक्षक के पेंशन भुगतान, जमीन मापी, बकाया भुगतान, रोजगार उपलब्ध कराने, बैंकिंग समस्याएं, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना (CMEGP) का लाभ दिलाने और जमीन अधिग्रहण मुआवजा भुगतान जैसे कई आवेदन उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किए गए।

इसके अलावा पंचायत मंडप निर्माण और अबुआ आवास योजना से जुड़े मामलों को भी प्राथमिकता के साथ सुना गया।
अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
उपायुक्त राजीव रंजन ने जमीन मापी एवं भूमि विवाद से जुड़े मामलों में संबंधित अंचलाधिकारियों को नियमानुसार जांच कर शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया। वहीं बैंकिंग समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित बैंक प्रबंधन से समन्वय स्थापित करने को कहा गया।
मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के लाभ से वंचित आवेदकों के मामलों में जिला उद्योग केंद्र को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया। वहीं जमीन अधिग्रहण से जुड़े लंबित मुआवजा भुगतान मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए गए।
संवेदनशीलता के साथ करें कार्य : उपायुक्त
उपायुक्त ने कहा कि जनशिकायत निवारण दिवस का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी विभागीय पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त आवेदनों पर संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ कार्रवाई करें।
उन्होंने कहा कि सभी मामलों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।




