


जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में ड्राइविंग लाइसेंस निर्माण प्रक्रिया को आम नागरिकों के लिए आसान और सुलभ बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बहरागोड़ा प्रखंड परिसर में जिला परिवहन कार्यालय द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस निर्माण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया, जहां 252 आवेदकों ने ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया। इनमें से 207 अभ्यर्थियों को सफलतापूर्वक लर्नर लाइसेंस जारी किया गया।
02 जुलाई से 08 सितंबर तक चल रहा है विशेष अभियान
राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों और उपायुक्त राजीव रंजन के निर्देश पर यह विशेष अभियान 2 जुलाई 2026 से 8 सितंबर 2026 तक जिले के सभी प्रखंडों एवं ग्राम पंचायतों में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को स्थानीय स्तर पर ड्राइविंग लाइसेंस की सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।
दस्तावेज अधूरे होने पर कुछ आवेदन लंबित
बहरागोड़ा में आयोजित शिविर का संचालन जिला परिवहन पदाधिकारी दिलीप कुमार के नेतृत्व में किया गया। अधिकारियों के अनुसार, जिन आवेदनों में आवश्यक दस्तावेज या निर्धारित मानकों की कमी पाई गई, उन पर नियमानुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। योग्य आवेदकों को लर्नर लाइसेंस जारी कर दिया गया।
जनप्रतिनिधियों ने वितरित किए लर्नर लाइसेंस
शिविर में लर्नर लाइसेंस परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को विधायक समीर मोहंती, बीस सूत्री अध्यक्ष समित मिश्रा, जिला परिवहन पदाधिकारी दिलीप कुमार तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी केशव भारती ने लर्नर लाइसेंस प्रदान किए। इस दौरान अभ्यर्थियों को सुरक्षित वाहन संचालन के लिए प्रेरित भी किया गया।
सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने का दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया। सड़क सुरक्षा से संबंधित पंपलेट और बुकलेट वितरित कर हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने तथा यातायात नियमों का अनुपालन करने की अपील की गई।
जिला परिवहन कार्यालय के अधिकारियों ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल ड्राइविंग लाइसेंस जारी करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार और सुरक्षित वाहन संचालन की संस्कृति को बढ़ावा देना भी है। शिविर में जिला परिवहन कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ की टीम भी मौजूद रही।



