


जमशेदपुर । कदमा थाना क्षेत्र में 16 अप्रैल को एक सैनिक/पूर्व सैनिक के साथ पुलिस द्वारा कथित अभद्रता और मारपीट की घटना को लेकर माहौल गरमा गया है। इस घटना के विरोध में पूर्व सैनिकों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामला सामने आने के बाद पूरे पूर्व सैनिक समाज में आक्रोश देखा जा रहा है और इसे सेना के सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है।
कदमा थाना में जोरदार प्रदर्शन
घटना के विरोध में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, जमशेदपुर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक कदमा थाना पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि एएसआई पीसीआर महावीर उपाध्याय एवं ड्राइवर संजीव कुमार ने संबंधित सैनिक के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। इस दौरान स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई।
“सैनिकों के सम्मान से समझौता नहीं”
प्रदर्शन कर रहे पूर्व सैनिकों ने स्पष्ट कहा कि देश की रक्षा करने वाले जवानों के साथ इस प्रकार का व्यवहार किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उनका कहना था कि यदि संबंधित सैनिक से कोई गलती हुई भी थी, तो पुलिस को नियमों के तहत सेना के अधिकारियों को सूचित करना चाहिए था, न कि खुद कार्रवाई कर अपमानजनक व्यवहार करना चाहिए था।
प्रशासन को दी चेतावनी
पूर्व सैनिकों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन और सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर इस मुद्दे को राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक उठाया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
प्रदर्शनकारियों ने यह भी सवाल उठाया कि जब देश के सैनिक ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिक हमेशा प्रशासन के सहयोगी रहे हैं, लेकिन अब उनके सम्मान पर सीधा आघात हुआ है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की तैयारी
परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि जल्द ही वे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और सेना के उच्च अधिकारियों से मुलाकात कर इस मामले में न्याय की मांग करेंगे। इसके लिए रणनीति तैयार की जा रही है।
कई पूर्व सैनिक रहे मौजूद
प्रदर्शन में परिषद के कई पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए। इनमें प्रमुख रूप से वरुण कुमार, प्रकाश पटेल, एस.के. सिंह, अवधेश कुमार, राजीव कुमार, मनोज कुमार सिंह, एस.बी. सिंह, संजय सिंह, सुखविंदर सिंह, बिरजू कुमार और गोपाल कुमार सहित करीब 30 से अधिक पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।
परिषद की चेतावनी
पूर्व सैनिकों ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला, तो बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।”



