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Jamshedpur News :एनआईटी जमशेदपुर में GeoSTS 2026 कार्यशाला, भू-तकनीकी अवसंरचना के भविष्य पर विशेषज्ञों ने किया मंथन

जमशेदपुर।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में आज “सॉफ्टवेयर-आधारित टनलिंग एवं ढलान स्थिरता विश्लेषण (GeoSTS 2026)” विषय पर एक उच्च-स्तरीय, एकदिवसीय, व्यावहारिक कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। आईजीएस–धनबाद चैप्टर तथा मिडास रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंडिया प्रा. लि. के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में उद्योग विशेषज्ञों और अकादमिक शोधकर्ताओं ने भू-तकनीकी अभियांत्रिकी में आधुनिक संगणकीय (कम्प्यूटेशनल) तरीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया।

कार्यशाला का औपचारिक उद्घाटन निदेशक प्रो. (डॉ.) गौतम सूत्रधार, उप निदेशक प्रो. आर. वी. शर्मा तथा मुख्य अतिथि श्री सिद्धार्थ पाठक (हेड, मिडास इंडिया) द्वारा किया गया। इस अवसर पर आईजीएस धनबाद चैप्टर तथा सिविल इंजीनियरिंग विभाग के गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. शुभदीप मेट्या एवं डॉ. सोमनाथ मंडल द्वारा किया गया। कार्यशाला में स्थानीय उद्योगों तथा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से आए प्रतिभागियों ने सहभागिता की।

तकनीकी सत्रों में आधुनिक भू-तकनीकी विश्लेषण पर विस्तृत चर्चा की गई। एर. चिरंजीब सरकार (जियोकंसल्ट इंडिया) ने भारत में टनलिंग की वर्तमान प्रवृत्तियों तथा भूमिगत खुदाई से संबंधित संख्यात्मक केस-स्टडी पर व्याख्यान दिया। श्री सिद्धार्थ पाठक एवं डॉ. अभिषेक दीक्षित (मिडास इंडिया) ने MIDAS GTS-NX सॉफ्टवेयर के माध्यम से टीबीएम/एनएटीएम टनलों के डिजाइन एवं स्थिरता विश्लेषण तथा ढलान संरक्षण कार्यों पर व्यापक हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण प्रदान किया।

कार्यक्रम का समापन प्रश्नोत्तर सत्र एवं समापन टिप्पणियों के साथ हुआ, जिसने मूलभूत सिद्धांतों और समकालीन सॉफ्टवेयर-आधारित अभियांत्रिकी अभ्यास के बीच प्रभावी सेतु स्थापित किया।

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