


जमशेदपुर: त्वचा रोग विशेषज्ञों की प्रमाणिक जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए IADVL झारखंड की जमशेदपुर शाखा द्वारा रविवार को होटल लेमन ट्री, जमशेदपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्य के विभिन्न बोर्ड सर्टिफाइड त्वचा रोग विशेषज्ञों की उपस्थिति में आधिकारिक वेबसाइट IADVLJharkhand.com का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
मरीजों को मिलेगी प्रमाणिक त्वचा रोग विशेषज्ञों की जानकारी
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए IADVL झारखंड के स्टेट सेक्रेटरी डॉ. आर. कुमार ने बताया कि इस वेबसाइट का मुख्य उद्देश्य आम जनता को IADVL से पंजीकृत एवं बोर्ड सर्टिफाइड त्वचा रोग विशेषज्ञों की सत्यापित जानकारी उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि मरीज अब किसी भी त्वचा रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेने से पहले वेबसाइट पर जाकर उनकी योग्यता, पंजीकरण एवं विशेषज्ञता की पुष्टि कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सही एवं विश्वसनीय जानकारी तक पहुंच अत्यंत आवश्यक हो गई है, ऐसे में यह वेबसाइट मरीजों और चिकित्सकों के बीच भरोसे का एक मजबूत माध्यम बनेगी।
सोशल मीडिया के दौर में विश्वसनीय डिजिटल प्लेटफॉर्म की जरूरत
डॉ. राजीव ठाकुर ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि आज अधिकांश लोग स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में एक प्रमाणिक और अधिकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति स्वयं को त्वचा रोग विशेषज्ञ बताता है, लेकिन उसका नाम इस आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं है, तो मरीजों को उसकी शैक्षणिक योग्यता, मेडिकल पंजीकरण और विशेषज्ञता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य करनी चाहिए।
कई वरिष्ठ बोर्ड सर्टिफाइड त्वचा रोग विशेषज्ञ रहे उपस्थित
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. दीप अनुराग, डॉ. एस. एन. सिंह, डॉ. राजकिरण, डॉ. बनाश्री मजूमदार, डॉ. ए. जे. भूरी, डॉ. श्रेयांश सिंह, डॉ. राजीव ठाकुर, डॉ. तुलिका आनंद सहित शहर और राज्य के कई बोर्ड सर्टिफाइड त्वचा रोग विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
विशेषज्ञों ने कहा कि यह पहल न केवल मरीजों को सही चिकित्सक चुनने में सहायता करेगी, बल्कि फर्जी एवं अप्रमाणित चिकित्सा सलाह से बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। चिकित्सा क्षेत्र में पारदर्शिता और विश्वसनीयता को बढ़ावा देने की दिशा में IADVL झारखंड की यह पहल एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है।



