जमशेदपुर, 8 जुलाई। भारतीय विदेश सेवा (IFS) के 2010 बैच के अधिकारी सुशील प्रसाद एवं मो. शाहिद आलम मिड कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम (MCP-II) के तहत झारखंड परिदर्शन के क्रम में बुधवार को जमशेदपुर पहुंचे। जमशेदपुर परिसदन में जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन तथा वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वकारिब ने दोनों अधिकारियों का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर आत्मीय स्वागत किया।
इस अवसर पर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और आईएफएस अधिकारियों के बीच सौहार्दपूर्ण संवाद हुआ, जिसमें पूर्वी सिंहभूम जिले के प्रशासनिक, औद्योगिक और विकासात्मक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिले की प्रशासनिक और औद्योगिक पहचान से कराया अवगत
उपायुक्त राजीव रंजन ने दोनों भारतीय विदेश सेवा अधिकारियों को पूर्वी सिंहभूम जिले की भौगोलिक स्थिति, प्रशासनिक संरचना, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत तथा जमशेदपुर की देश की अग्रणी औद्योगिक नगरी के रूप में स्थापित पहचान से अवगत कराया।
उन्होंने जिले में संचालित प्रमुख विकास योजनाओं, औद्योगिक प्रगति, आधारभूत संरचना के विकास, निवेश की संभावनाओं तथा सुशासन की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे नवाचारों की भी विस्तृत जानकारी साझा की।
विकास कार्यों और प्रशासनिक नवाचारों की मिली जानकारी
बैठक के दौरान जिले में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नागरिक सेवाओं में पारदर्शिता, डिजिटल प्रशासन, औद्योगिक समन्वय तथा विकास परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को बताया गया कि जिला प्रशासन विभिन्न योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार नवाचार कर रहा है।
आईएफएस अधिकारियों ने की जिला प्रशासन की सराहना
भारतीय विदेश सेवा के दोनों अधिकारियों ने पूर्वी सिंहभूम जिले की प्रशासनिक कार्यप्रणाली, औद्योगिक विकास और सुशासन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि झारखंड परिदर्शन के दौरान जमशेदपुर का अनुभव ज्ञानवर्धक रहा और जिले की विकास यात्रा तथा प्रशासनिक मॉडल से उन्हें महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुईं।
मिड कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम (MCP-II) के तहत देश के विभिन्न राज्यों का अध्ययन कर रहे आईएफएस अधिकारियों के लिए यह भ्रमण प्रशासनिक अनुभवों के आदान-प्रदान और विकास मॉडल को समझने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।