
जमशेदपुर। जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू के निरंतर प्रयासों और सक्रियता का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। विगत दिनों पूर्वी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत भुइयांडीह स्थित बाबूडीह घाट, सुवर्णरेखा नदी में दो किशोरों की डूबने से हुई दुखद घटना के बाद, जब जिला प्रशासन से अपेक्षित सहायता नहीं मिल सकी, तब विधायक साहू ने दिनांक 28 अप्रैल को पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को पत्र लिखकर जिले के नदी घाटों एवं तालाबों पर प्रशिक्षित गोताखोरों की 24 घंटे सातों दिन उपलब्धता सुनिश्चित करने और आपातकालीन परिस्थितियों में एनडीआरएफ/एसडीआरएफ की तत्पर तैनाती की मांग की थी।
विधायक पूर्णिमा साहू ने इस पत्र की प्रतिलिपि झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव, सचिव (आपदा प्रबंधन प्रभाग), एनडीआरएफ पटना के कमांडेंट और राज्य आपदा मोचन बल, झारखंड रांची के समादेष्टा को भी भेजी थी, ताकि विषय को राज्यस्तर पर गंभीरता से लिया जा सके। विधायक के प्रयासों और जिला प्रशासन की सक्रियता के फलस्वरूप अब पूर्वी सिंहभूम जिला को एनडीआरएफ की 30 सदस्यीय स्थायी यूनिट प्राप्त हो गई है, जो किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए हमेशा तैयार रहेगी।
विधायक पूर्णिमा साहू ने इस निर्णय के लिए राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए इसे जनसुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि एनडीआरएफ की स्थायी तैनाती से भविष्य में किसी भी आपदा या दुर्घटना की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। भविष्य में भी मेरा प्रयास हमेशा रहेगा कि जमशेदपुर शहर सुरक्षित और सशक्त बने।
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उन्होंने कहा कि, इससे पहले जमशेदपुर जैसे औद्योगिक नगरी में किसी भी आपात स्थिति जैसे नदी में डूबने, गैस रिसाव, बाढ़ या भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान एनडीआरएफ को रांची, पटना या अन्य स्थानों से बुलाना पड़ता था, जिससे राहत व बचाव कार्यों में देरी होती थी। परंतु अब स्थानीय स्तर पर एनडीआरएफ टीम की उपलब्धता से समय पर कार्रवाई संभव हो सकेगी और आमजन के जान-माल की सुरक्षा हेतु तेजी लाई जा सकेगी।
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के अनुरोध पर राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने इस तैनाती को स्वीकृति दी है।
