


जमशेदपुर । रोजगार और श्रमिक अधिकारों से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां State Bank of India (SBI) के एटीएम में कार्यरत 140 सुरक्षा गार्डों की नौकरी अचानक खतरे में पड़ गई है। नई आउटसोर्सिंग एजेंसी के आने के बाद इन गार्डों को हटाए जाने से आक्रोश का माहौल है।
20 साल सेवा के बाद नौकरी से हटाया
जानकारी के मुताबिक, ये गार्ड पिछले करीब 20 वर्षों से एसबीआई एटीएम की सुरक्षा में तैनात थे। हाल ही में बैंक की सुरक्षा व्यवस्था का ठेका WWSO Enterprises Limited को मिलने के बाद पुराने गार्डों को बिना पूर्व सूचना काम से हटा दिया गया। इस फैसले से 140 परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
वेतन और पीएफ को लेकर गंभीर आरोप
हटाए गए गार्डों ने एजेंसी पर आर्थिक शोषण के आरोप भी लगाए हैं। उनका कहना है कि उनसे महीने के 30 दिन काम कराया जाता था, लेकिन वेतन सिर्फ 26 दिनों का दिया जाता था। इसके अलावा, पिछले 15 महीनों से भविष्य निधि (PF) की राशि जमा नहीं की गई, जो श्रम कानूनों का उल्लंघन है।
झामुमो नेताओं ने उठाया मुद्दा
इस मामले को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने कड़ा रुख अपनाया। नेता प्रमोद लाल, शेख बदरूदीन और महाबीर मुर्मू के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से मुलाकात कर गार्डों की बहाली की मांग की।
डीसी से मिला आश्वासन
झामुमो नेताओं ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए बकाया पीएफ राशि के भुगतान और सभी गार्डों को पुनः नौकरी पर रखने की मांग की। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि नई एजेंसी से बातचीत कर गार्डों की बहाली सुनिश्चित की जाएगी।
बड़ी संख्या में गार्ड रहे मौजूद
इस दौरान कई गार्ड और प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिन्होंने प्रशासन से जल्द न्याय की मांग की। सभी प्रभावित परिवारों को अब जिला प्रशासन के फैसले का इंतजार है।



