


JAMSHEDPUR ।
मानगो स्थित गोकुल नगर निवासी जीत महतो की मौत को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में आक्रोश गहराता जा रहा है। इस मामले को लेकर बिद्युत बरण महतो ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सांसद महतो ने साफ शब्दों में कहा कि जीत महतो की मृत्यु स्वाभाविक नहीं है, बल्कि पुलिस हिरासत में हुई प्रताड़ना के कारण उसकी हत्या की गई है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद सांसद बिद्युत बरण महतो आज शाम गोकुल नगर पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान मृतक की मां पूजा महतो ने जिस तरह पूरी घटना का विवरण दिया, उसे सुनकर माहौल बेहद भावुक और चिंताजनक हो गया। सांसद ने कहा कि परिजनों की बातें कई गंभीर सवाल खड़े करती हैं, जिनका जवाब प्रशासन को देना होगा।
सांसद महतो ने जीत महतो की गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से पुलिस ने उसे पकड़ा और हिरासत में रखा, वह संदेह के घेरे में है। इतना ही नहीं, मृत्यु के बाद पुलिस द्वारा आनन-फानन में पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार कराना भी कई आशंकाओं को जन्म देता है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मृतक के परिजनों को दो लाख रुपये की राशि दी गई है। सांसद ने सवाल उठाया कि यह पैसा किस मद से दिया गया, किसने इसकी स्वीकृति दी और इसका उद्देश्य क्या था? उन्होंने कहा कि क्या झारखंड में एक युवा की जान की कीमत केवल दो लाख रुपये है?
सांसद का आरोप है कि महज एक छोटे मोबाइल चोरी के संदेह में पुलिस ने जीत महतो को हिरासत में लिया और कथित तौर पर प्रताड़ना की, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। बाद में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। सांसद ने यह भी कहा कि जिस थाना प्रभारी के अधीन यह मामला हुआ, उनका पूर्व इतिहास भी विवादों से जुड़ा रहा है, जिसमें भारतीय सेना के जवान के साथ मारपीट का मामला शामिल बताया जा रहा है।
सांसद बिद्युत बरण महतो ने झारखंड के पुलिस महानिदेशक से मांग की है कि इस घटना में शामिल सभी पुलिस पदाधिकारियों पर हत्या का मामला दर्ज किया जाए, उन्हें तत्काल निलंबित किया जाए और पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
उन्होंने सरकार से यह भी मांग की कि मृतक अपने परिवार का एकमात्र सहारा था, इसलिए उसके परिवार और नवजात शिशु के भरण-पोषण के लिए समुचित मुआवजा दिया जाए। सांसद ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर विनोद राय, रविंद्र सिंह शिशोदिया, सुशील पांडे, अनिमेष सिंहा, मुन्ना मिश्रा, राकेश प्रसाद, महेश सिंह, सुमन श्रीवास्तव और नवनीत तिवारी उपस्थित रहे।




