


जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बारिश के बीच स्वर्णरेखा और खरकई नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। फ्लड सेल, जमशेदपुर की ओर से जारी दैनिक रिपोर्ट के अनुसार दोनों नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
स्वर्णरेखा नदी 1.46 मीटर ऊपर बह रही
फ्लड सेल की 18 अगस्त 2026 को शाम 4 बजे की रिपोर्ट के अनुसार, मानगो ब्रिज साइट पर स्वर्णरेखा नदी का वर्तमान जलस्तर 122.96 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 121.50 मीटर है। यानी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1.46 मीटर ऊपर है।
रिपोर्ट में स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने का ट्रेंड दर्ज किया गया है। इससे नदी के आसपास और निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
खरकई नदी भी खतरे के निशान से 5.37 मीटर ऊपर
इसी तरह आदित्यपुर ब्रिज साइट पर खरकई नदी का वर्तमान जलस्तर 134.37 मीटर दर्ज किया गया है। यहां खतरे का निशान 129.00 मीटर निर्धारित है। रिपोर्ट के अनुसार खरकई नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 5.37 मीटर ऊपर बह रहा है।
फ्लड सेल ने खरकई नदी के जलस्तर में भी लगातार वृद्धि का ट्रेंड दर्ज किया है। दोनों नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
निचले इलाकों में रहने वालों को सतर्क रहने की अपील
प्रशासन की ओर से नागरिकों से अपील की गई है कि वे नदी, निचले इलाकों और जलजमाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। लोगों को सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा चिन्हित आश्रय स्थलों में शरण लेने की सलाह दी गई है।
विशेष रूप से नदी किनारे रहने वाले परिवारों से बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा का ध्यान रखने तथा जलस्तर में किसी भी तरह की बढ़ोतरी की स्थिति में तत्काल सुरक्षित स्थान की ओर जाने की अपील की गई है।
नगर निकायों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सभी संबंधित नगर निकायों को अलर्ट मोड में रखा गया है। आवश्यक तैयारियों को सक्रिय रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
फ्लड सेल की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य संभावित बाढ़ एवं जलजमाव की स्थिति में समय रहते राहत-बचाव की कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।

