


Jamshedpur. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 26 फरवरी 2026 को जमशेदपुर के दौरे पर रहेंगी. राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनका शहर में दूसरा दौरा होगा. वे यहां श्री जगन्नाथ मंदिर का शिलान्यास करेंगी और मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज में एक भवन का भूमि पूजन कर छात्रों से मुलाकात करेंगी. राष्ट्रपति करीब चार घंटे शहर में रहेंगी. जिला प्रशासन ने उनके आगमन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंचा दी हैं. पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी और वरीय पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से सोनारी एयरपोर्ट, कदमा स्थित मरीन ड्राइव (श्री जगन्नाथ स्पिरिचुअल एंड कल्चरल चैरिटेबल सेंटर) और बारिडीह स्थित मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज के कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण किया.
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने कहा कि राष्ट्रपति के आगमन को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और गरिमामय बनाने के लिए सभी विभाग समन्वय से कार्यरत हैं. तैयारियां अंतिम चरण में हैं.
राष्ट्रपति सुबह 11 बजे के बाद सोनारी एयरपोर्ट पर उतरेंगी
राष्ट्रपति सुबह 11 बजे के बाद सोनारी एयरपोर्ट पर उतरेंगी. वहां से सड़क मार्ग से सोनारी साईं मंदिर होते हुए मरीन ड्राइव पहुंचेंगी, जहां कदमा में श्री जगन्नाथ मंदिर का शिलान्यास करेंगी. कार्यक्रम समाप्ति के बाद स्टेट माइल रोड से बारिडीह स्थित मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज जाएंगी, जहां एक भवन का शिलान्यास कर छात्रों से संवाद करेंगी. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. रूट पर ट्रैफिक डायवर्जन, वैकल्पिक मार्ग, बैरिकेडिंग और नो-एंट्री व्यवस्था सुनिश्चित की गई है ताकि आमजन को न्यूनतम परेशानी हो.
100 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा मंदिर
श्री जगन्नाथ स्पिरिचुअल एंड कल्चरल चैरिटेबल सेंटर ट्रस्ट के अध्यक्ष एसके बेहरा ने बताया कि लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह मंदिर ढाई एकड़ भूमि पर विकसित होगा. मंदिर परिसर डेढ़ एकड़ में और आध्यात्मिक-सांस्कृतिक केंद्र एक एकड़ में बनेगा. मंदिर की संरचना पुरी के प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर होगी. निर्माण कार्य चार वर्षों में पूरा होगा, जबकि आध्यात्मिक केंद्र दो वर्षों में तैयार हो जाएगा.
सीएम, राज्यपाल और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान आएंगे
शिलान्यास समारोह में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उपस्थित रहेंगे. निरीक्षण के दौरान सुरक्षा, मंच निर्माण, अतिथि दीर्घा, प्रवेश-निकास मार्ग, पार्किंग, मीडिया प्रबंधन, पेयजल, बिजली, स्वच्छता, अग्निशमन और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा की गई. सभी विभागों को प्रोटोकॉल के अनुसार तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.



