


Jamshedpur. आदिवासी बचाओ संघर्ष मोर्चा के बैनर तले आदिवासी जन आक्रोश महारैली का आयोजन 9 अक्टूबर को होगा. यह रैली साकची स्थित आमबगान से उपायुक्त कार्यलाय तक निकलेगी. यह महारैली कुड़मी समुदाय को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करने की मांग के विरोध में किया जा रहा है. सीतारामडेरा स्थित आदिवासी एसोसिएशन में आदिवासी बचाओ संघर्ष मोर्चा के सदस्यो ने मंगलवार को एक पत्रकार सम्मलेन में संयुक्त रूप से कहा कि यह महारैली कुड़मी समुदाय के असंवैधानिक गैरकानूनी मांग को लेकर किया जा रहा है, जिससे झारखण्ड, बंगाल, ओडिशा, असम एवं राष्ट्रीय स्तर पर आदिवासियों के हितों के खिलाफ गंभीर चोट पहुंचने का ख़तरा है. इसके खिलाफ आदिवासियों को करो या मरो के साथ सड़क पर उतरना पड़ा है.
इसके खिलाफ आदिवासी उराव, हो भूमिज, संथाल, मुंडा, बिरहोर, सबर, बेदिया, गोड़, खाडिया समेत सभी 33 आदिवासी समाज के सामाजिक संगठन मानकी मुंडा संघ, मांझी परगना महाल एकजुट होकर भारत सरकार, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन सौपा जायगा. महारैली में शामिल आंदोलनकारी आमबगान से एकत्रित होकर उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन प्रस्तुत देंगे. इस दौरान सभी जनजातीय पारंपरिक औजार के साथ महारैली में ढोल नगाड़ा के साथ 50 हजार लोग शामिल होंगे.



