

जमशेदपुर। जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में यातायात एवं सड़क सुरक्षा तथा हाईवे सुरक्षा टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जिले में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति, दुर्घटनाओं के कारण, यातायात व्यवस्था, प्रवर्तन कार्रवाई और सड़क सुरक्षा उपायों की विस्तार से समीक्षा की गई। दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए निगरानी और प्रवर्तन व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया।
सात स्थानों पर लगाए जाएंगे स्पीड गन कैमरे
राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज गति से वाहन चलाने और गति सीमा के उल्लंघन की निगरानी के लिए सात चिन्हित स्थानों पर स्पीड गन कैमरे लगाए जाएंगे। बैठक में एनएचएआई के परियोजना निदेशक ने बताया कि अगले दो माह में इन स्थानों पर कैमरे स्थापित कर प्रभावी गति निगरानी शुरू करने की योजना है।
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने और सड़क सुरक्षा से जुड़े जरूरी उपाय समय पर पूरा करने का निर्देश दिया।
अवैध पार्किंग पर होगी कार्रवाई
शहरी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अवैध पार्किंग के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश यातायात पुलिस को दिया गया। प्रमुख चौक-चौराहों और व्यस्त मार्गों पर ट्रैफिक प्रबंधन को और बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई।
मानगो बस स्टैंड में लंबे समय से खराब पड़े बसों और अन्य वाहनों के कारण होने वाली अव्यवस्था को देखते हुए ऐसे वाहनों को हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधि को दिया गया।
अगस्त में 34 सड़क दुर्घटनाएं, 22 लोगों की मौत
बैठक में अगस्त महीने की सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा में सामने आया कि जिले में कुल 34 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुईं। इनमें 22 लोगों की मृत्यु हुई, जबकि 26 लोग घायल हुए।
समीक्षा के दौरान हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करना, गलत दिशा में वाहन चलाना और यातायात नियमों का उल्लंघन दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में शामिल पाए गए।
सड़क सुरक्षा नियमों के अनुपालन को लेकर की गई प्रवर्तन कार्रवाई के तहत 121 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए। वहीं यातायात नियमों के उल्लंघन के मामलों में 5,96,500 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
साइनेज और ऑटो के Pick & Drop Point पर जोर
बैठक में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां सुरक्षात्मक उपाय करने, सड़क संकेतकों और साइनेज को दुरुस्त करने तथा सड़क सुरक्षा को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
प्रमुख चौक-चौराहों पर ऑटो चालकों के लिए निर्धारित Pick & Drop Point चिन्हित करने तथा ऑटो चालकों के परमिट और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच करने को भी कहा गया।
उपायुक्त राजीव रंजन ने संबंधित पदाधिकारियों को नियमित प्रवर्तन कार्रवाई, दुर्घटना संभावित स्थलों की निगरानी, सड़क सुरक्षा अवसंरचना में सुधार और व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ लगातार कार्रवाई करते हुए सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने पर जोर दिया।
बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ ऐहतेशाम वकारिब, डीडीसी नागेन्द्र पासवान, एसडीएम धालभूम अर्नव मिश्रा, एडीसी अनुराग तिवारी, डीटीओ, ट्रैफिक डीएसपी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, एनएचएआई, आरसीडी, जुस्को सहित संबंधित विभागों और एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

