



Jamshedpur. शहर के एमजीएम अस्पताल में सोमवार दोपहर 23 वर्षीय युवती की मौत के बाद अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। मृतका के परिजनों ने इलाज के दौरान पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए इमरजेंसी वार्ड के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। करीब आधे घंटे तक चले हंगामे के बाद स्थिति सामान्य हुई। मृतका की पहचान मुस्कान खातून के रूप में हुई है, जो आजाद बस्ती की रहने वाली थीं। परिजनों के अनुसार, उनकी तबीयत पहले से गंभीर थी। आर्थिक तंगी के कारण उन्हें निजी अस्पताल के बजाय एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टरों ने मरीज के लिए वेंटिलेटर की आवश्यकता बताई थी, लेकिन अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी। उनका कहना है कि समय पर वेंटिलेटर नहीं मिलने के कारण मरीज की जान नहीं बचाई जा सकी। हालांकि, अस्पताल प्रशासन की ओर से इस आरोप की अभी तक आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्था पर नाराजगी जताई।
उनका कहना था कि इतने बड़े सरकारी अस्पताल में यदि वेंटिलेटर जैसी आवश्यक सुविधा उपलब्ध नहीं होगी, तो आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के इलाज पर गंभीर असर पड़ेगा। हंगामे की सूचना मिलने पर होमगार्ड के जवान मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। इसके बाद विरोध प्रदर्शन समाप्त हो गया।


