Jamshedpur, पूर्वी सिंहभूम जिले के सिदगोड़ा टाउन हॉल में गुरुवार को आयोजित जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) न्यास परिषद की जिला स्तरीय बैठक का सभी मुखियाओं ने सामूहिक रूप से बहिष्कार किया। जिला मुखिया संघ, पूर्वी सिंहभूम के नेतृत्व में मुखियाओं ने पंचायतों की अनदेखी, विकास योजनाओं में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी नहीं होने और उनके अधिकारों को उचित महत्व नहीं दिए जाने पर नाराजगी जताई। मुखियाओं का आरोप है कि DMFT के तहत संचालित विकास योजनाओं के चयन और क्रियान्वयन में ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों से समुचित विचार-विमर्श नहीं किया जाता है। इतना ही नहीं, योजनाओं से संबंधित आवश्यक जानकारी भी संबंधित मुखियाओं को उपलब्ध नहीं कराई जाती है।

मुखियाओं ने कहा कि ग्राम पंचायत ग्रामीण विकास की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है। गांवों की वास्तविक समस्याओं और जरूरतों की जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों को होती है। इसके बावजूद विकास योजनाओं के निर्धारण में पंचायत प्रतिनिधियों की राय नहीं लेना लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की भावना के विपरीत है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब मुखिया DMFT न्यास परिषद के प्रत्यक्ष सदस्य हैं, तो योजनाओं के चयन, स्वीकृति और क्रियान्वयन में उनकी भूमिका एवं सुझावों को उचित महत्व क्यों नहीं दिया जा रहा है?

