


जमशेदपुर : करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और झारखंड प्रदेश अध्यक्ष विनय सिंह को पूर्व में भी धमकी मिल चुकी थी. धमकी भरा फोन आने के बाद वे वरीय पुलिस अधिकारियों से भी मिल चुके थे. इस बीच पुलिस की ओर से कहा गया था कि शहर छोड़ दो. सुरक्षा की भी मांग विनय सिंह की ओर से की गई थी. घर में प्लान बन गया था कि विनय सिंह 30 अप्रैल को शहर से बाहर चले जाएंगे. उसके पहले ही उन्हें रास्ते से हटा दिया गया. इस तरह का आरोप उनका बेटा लगा रहा है.
विनय के बेटे ने बताया कि रविवार की सुबह मोबाइल पर लकी जॉनी नामक व्यक्ति का फोन आया था. फोन आने के बाद पापा जमीन देखने की बात कहकर घर से निकल गए थे. इसके बाद वे दोपहर के समय दुकान पर भी पहुंचे थे. कर्मचारी अजय और जितेंद्र से भी बातें की थी. इस दौरान बिल्ला पाठक नामक व्यक्ति का भी फोन आया था. बिल्ला पाठक से ही पापा की आखिरी बातचीत हुई थी. पुलिस बिल्ला का भी पता लगा रही है.
विनय सिंह की हत्या की घटना को प्लान वे में अंजाम दिया गया था. हत्या के बाद पुलिस ने मोबाइल तो बरामद की है, लेकिन कुछ हाथ नहीं लग रहा है. मोबाइल से छेड़छाड़ करने के बाद हत्यारों ने उसे शव क पास ही रख दिया था. कॉल डिटेल और वाट्स एप कॉल तक डिलीट किया गया है. ऐसे में पुलिस को जांच में खासी परेशानी हो रही है.
रविवार की रात के 10 बजे के बाद पुलिस टीम मोबाइल लोकेशन के माध्यम से बालिगुमा पहुंची थी और खेती से शव बरामद किया था. इस बीच आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर दिया था और पुलिस के खिलाफ तीखे नारे भी लगाए थे.



