

Ranchi. कोडरमा जयनगर के बिरहोर टोला से एक साथ गायब सभी 10 बच्चे गयाजी से बरामद कर लिए गए हैं। फिलहाल सभी को चाइल्ड हेल्पलाइन के शेल्टर होम में रखा गया है। इसमें पांच बच्चे गया के शेल्टर होम में हैं। तीन को बालिका गृह नवादा भेजा गया है। इसके अलावा दो बच्चों को औरगांबाद के शेल्टर होम में रखा गया है। चाइल्ड हेल्पलाइन गयाजी के जिला बाल संरक्षण ईकाई के को ऑर्डिनेटर अमित पाठक की ओर से बताया गया कि दो फरवरी को तीन बच्चों को गयाजी के परैरया थाना और सात को बंधुआ थाना क्षेत्र में भटकते हुए पाया गया था।इसके बाद स्थानीय लोगों की सूचना के बाद वहां की स्थानीय पुलिस सभी को थाना लेकर आयी थी। इसके बाद सभी को बाल कल्याण समिति गयाजी को सौंप दिया गया था।
बताया गया कि कोई भी बच्चे न तो कुछ बोल पा रहे थे और न आम लोगों की भाषा समझ पा रहे थे। इसके कारण टीम को काफी परेशानी हुई। टीम ने सुरक्षा के ख्याल से पांच साल तक के बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन के गयाजी स्थित शेल्टर होम में भेज दिया गया। इसके अलावा तीन बच्चियों को बालिका गृह नवादा भेजा गया है और दो बच्चों को शेल्टर होम औरंगाबाद में रखा गया है। बताया गया कि सभी बच्चे परसाबाद स्टेशन से किसी ट्रेन में मांगने के ख्याल से चढ़ गए थे। इसके बाद सभी बंधुआ स्टेशन के पास भटकते हुए मिले थे।

स्थानीय पुलिस और बाल कल्याण समिति कोडरमा को किया जाएगा ट्रांसफर कोडरमा के जयनगर के बिरहोर टोले से एक साथ लापता सभी 10 बच्चों की तलाश में लगातार टीम छापेमारी कर रही थी।
इस दौरान गयाजी के बाल कल्याण समिति को सूचना दी गई कि उनकी टीम ने 10 बच्चों का रेस्क्यू किया है। इसके बाद कोडरमा बाल कल्याण समिति की टीम शनिवार को गयाजी पहुंची है। वहां कोरम पूरा करने के बाद सभी बच्चों को कोडरमा को ट्रांसफर कर दिया जाएगा। तीन जगहों पर बच्चों के होने के कारण शनिवार को नहीं लाया जा सका कोडरमा से गयाजी पहुंची बाल कल्याण समिति की टीम की ओर से बताया गया कि सुरक्षा और नियमानुसार सभी बच्चे अलग-अलग उम्र औ जेंडर के थे। इसलिए पांच को गयाजी, तीन को नवादा और दो को औरंगाबाद तीन फरवरी को ही भेज दिया गया था।
उम्मीद है 24 घंटे में सभी को बाल कल्याण समिति कोडरमा को सौंप दिया जाएगा। इसके बाद टीम लेकर कोडरमा लौटेगी। भाषा के कारण हुई परेशानी, नहीं तो पहले ही लौटा दिए जाते बताया गया कि बिरहोर बच्चों की भाषा चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम नहीं समझ पा रही थी और टीम की भाषा बिरहोर बच्चे नहीं समझ पा रहे थे। ऐसे में उनका नाम और ठिकाना पता करने में अधिक परेशानी हुई। जब मीडिया के माध्यम से कोडरमा के जयनगर से एक साथ 10 बच्चों के लापता होने की जानकारी मिली तो टीम ने गयाजी की टीम कोडरमा चाइल्ड हेल्पलाइन को सारी जानकारी उपलब्ध करायी।
ये बच्चे हुए थे लापता लापता बच्चों में निशा कुमारी (7), रमेश बिरहोर (5) पिता राजेश बिरहोर, सजनी बिरहोर (8) पिता कैला बिरहोर, बिरजू बिरहोर, मिथुन बिरहोर, शिवानी बिरहोर, कल्पना बिरहोर पिता धनकु बिरहोर, रेखा बिरहोर (8) पिता सुरेश बिरहोर, अनीशा बिरहोर (6) पिता बुधन सहित एक अन्य बच्चा शामिल है।
सभी बच्चे एक फरवरी को परसाबाद में भोज खाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन जब वे वापस नहीं लौटे तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। छह फरवरी शुक्रवार को मामला पुलिस के पास पहुंचा। इसके बाद कोडरमा के पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह ने तुरंत संज्ञान लिया और विशेष टीम का गठन कर मामले की जांच का आदेश दिया था।



