


Ranchi.सीबीआइ टीम ने शनिवार को सीसीएल की सयाल परियोजना अंतर्गत सीएमपीएफ कार्यालय के दो क्लर्कों रमेश यादव व लोकेश कुमार को 30 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ दबोच लिया. घटना शनिवार दोपहर करीब दो बजे की है. उस वक्त दफ्तर में लंच टाइम था. दोनों क्लर्कों ने सितंबर 2023 में रिटायर्ड एक सीसीएल कर्मी से उनके सीएमपीएफ भुगतान का पेपर प्रोसेस करने के एवज में घूस मांगा था.
सीबीआइ टीम ने शिकायतकर्ता का नाम फिलहाल गुप्त रखा है. दोनों क्लर्कों को दबोचने के बाद सीबीआइ टीम ने बरका-सयाल के जीएम, सयाल पीओ, पर्सनल मैनेजर को मौके पर बुलाया और पूरे मामले की जानकारी दी. इसके बाद सयाल गेस्ट हाउस में दोनों क्लर्कों से पूछताछ शुरू हुई. इस दौरान सीबीआइ की टीम रमेश यादव के सयाल व लोकेश के दत्तो स्थित आवास भी पहुंची. यहां पर उनकी संपत्ति से जुड़े कागजात को खंगाला. इसमें पूरे परिवार का बैंक खाता, जमीन के दस्तावेज, एफडी, शेयर निवेश के डॉक्यूमेंट की तलाश की. सीबीआइ की टीम ने दोनों घरों से संपत्ति से जुड़े कुछ दस्तावेज भी जब्त किया.
शाम को सीबीआइ की टीम दोनों क्लर्कों को लेकर सयाल गेस्ट हाउस से भुरकुंडा गेस्ट हाउस पहुंची. यहां पर जब्त दस्तावेजों के बाबत उनसे समाचार लिखे जाने तक पूछताछ चल रही थी. सीबीआइ की 14 सदस्यीय टीम सुबह ही सयाल पहुंच गयी थी. जैसे ही ऑफिस में लंच ब्रेक हुआ, शिकायतकर्ता को रिश्वत की राशि के साथ कार्यालय के अंदर भेज दिया. जैसे ही शिकायतकर्ता ने दोनों क्लर्कों को रिश्वत की राशि दी, वैसे ही आसपास में मौजूद टीम ने दोनों को दबोच लिया. टीम का नेतृत्व कर रहे इंस्पेक्टर चंदन सिंह ने बताया कि करीब डेढ़ साल से शिकायतकर्ता को विभिन्न कागजातों के नाम पर परेशान किया जा रहा था.



