


Ranchi. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद तिलकधारी सिंह का सोमवार को झारखंड के गिरिडीह जिले के एक अस्पताल में निधन हो गया जहां वह भर्ती थे. वह 87 वर्ष के थे. पार्टी के एक पदाधिकारी ने यह जानकारी दी. अस्पताल के एक अधिकारी के अनुसार सिंह मधुमेह सहित कई बीमारियों से जूझ रहे थे.
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं ने सिंह के निधन पर अपनी संवेदना व्यक्त की. सोरेन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, पूर्व लोकसभा सदस्य तिलकधारी सिंह के निधन की दुःखद खबर मिली. तिलकधारी बाबू जन-जन के नेता थे. उनका निधन झारखंड की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है. उन्होंने कहा कि मरांग बुरु दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय को सहन करने की शक्ति प्रदान करें.
कांग्रेस की झारखंड इकाई के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने सिंह को जमीन से जुड़ा नेता बताया. कमलेश ने कहा कि उन्होंने मुखिया के पद से सांसद बनने तक का सफर तय किया. उन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कांग्रेस के लिए कोडरमा लोकसभा सीट दो बार जीती. उनकी कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकता. सिंह 1980 में धनवार विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक चुने गए थे. इसके बाद उन्होंने 1984 और 1999 में कोडरमा लोकसभा सीट जीती.



