


Ranchi. राज्य में 38 करोड़ रुपये से अधिक के शराब घोटाले मामले में एसीबी ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है. एसीबी ने अब इस केस में कई लोगों को अगले सप्ताह पूछताछ के लिए एसीबी मुख्यालय बुलाया है. प्रारंभिक जांच में एसीबी को यह पता चला था कि शराब व्यवसाय से जुड़ी दो मैनपावर सप्लाई कंपनियों मार्शन और विजन ने फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर काम लिया था. बाद में इन कंपनियों ने मिलकर सरकार को 38 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाया.
इस मामले में जांच के दौरान तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय चौबे और संयुक्त आयुक्त गजेंद्र सिंह को जिम्मेदार पाया गया था. रिमांड के दौरान विनय चौबे और गजेंद्र सिंह से पूछताछ में एसीबी को कई जानकारियां मिली थीं. इन तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर अब जांच का दायरा और बढ़ाया गया है. अनुमान है कि शराब कारोबार से राज्य सरकार को कुल मिलाकर लगभग 200 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है.एसीबी अब अन्य कंपनियों की भूमिका की भी जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं उन्हें भी किसी अधिकारी के स्तर से अनुचित लाभ तो नहीं पहुंचाया गया है.



