


Latehar झारखंड के लातेहार जिले में सोमवार को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी (भाकपा-माओवादी) का एक नक्सली मारा गया. उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभियान के दौरान एक अन्य माओवादी को गिरफ्तार कर लिया गया. उस पर 10 लाख का इनाम था. उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच रविवार रात महुआडांड़ थाना क्षेत्र में दौना के जंगल में मुठभेड़ हुई.
पलामू के पुलिस उपमहानिरीक्षक वाई एस रमेश ने कहा कि सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मनीष यादव मारा गया. उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था. एक अन्य माओवादी कुंदन खेरवार को गिरफ्तार कर लिया गया. बताया जाता है कि कुंदन पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था. हालांकि, रमेश ने कहा कि कुंदन पर इनाम की पुष्टि अभी नहीं हुई है.
दो दिन पहले मारे गए थे दो नक्सली
इससे दो दिन पहले झारखंड के लातेहार जिले में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में ‘झारखंड जन मुक्ति परिषद’ (जेजेएमपी) के शीर्ष नेता पप्पू लोहरा समेत दो नक्सली मारे गए थे. पप्पू पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था. लोहरा और जेजेएमपी का उप-जोनल स्वयंभू कमांडर प्रभात गंझू 24 मई को एक अभियान के दौरान मारे गए थे. गंझू पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था.वे दोनों लातेहार पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत इच्छाबार वन क्षेत्र में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और झारखंड पुलिस के संयुक्त अभियान के दौरान मारे गए थे. लोहरा लोहरदगा, गुमला, चतरा, पलामू और लातेहार जैसे कई जिलों में हत्या, जबरन वसूली और आगजनी सहित 98 मामलों में वांछित था. रमेश ने बताया कि गंझू की 15 मामलों में तलाश थी. दोनों सितंबर 2021 में एक अभियान के दौरान झारखंड जगुआर के डिप्टी कमांडेंट राजेश कुमार की हत्या में कथित तौर पर शामिल थे.
50 से अधिक नक्सल हमले का आरोपी है मनीष यादव
मनीष यादव लातेहार पलामू, गढ़वा, चतरा, बिहार के गया और औरंगाबाद में 50 से अधिक नक्सल हमले का आरोपी है. बिहार के इलाके में मनीष यादव सक्रिय था और फिर बाद में वह बूढ़ापहाड़ के इलाके में माओवादियों के दस्ते का सदस्य बन गया था. चर्चित कटिया मुठभेड़, जिसमें सीआरपीएफ जवान के पेट में बम प्लांट किया गया था और 13 जवान शहीद हुए थे. इस घटना का मनीष यादव आरोपी रहा है. 2018-19 में गढ़वा के पोलपोल नक्सल हमला हुआ था, इस हमले में छह जवान शहीद हुए थे. इस घटना का भी मुख्य आरोपी मनीष यादव रहा है.
इलाके में चल रहा सर्च अभियान
मुठभेड़ के बाद इलाके में सर्च अभियान चलाया जा रहा है. पलामू डीआईजी वाईएस रमेश ने बताया कि मुठभेड़ के बाद पुलिस की चर्च अभियान जारी है. पुलिस ने मौके से दो ऑटोमैटिक राइफल भी बरामद की है. उन्होंने बताया कि पुलिस के लिए यह बड़ी उपलब्धि है.



