


Ranchi. नक्सल उन्मूलन के लिए आइजी अभियान डॉ माइकलराज एस ने गुमला, लोहरदगा, लातेहार, पलामू, गढ़वा, चतरा, हजारीबाग, गिरिडीह, बोकारो, सरायकेला और खूंटी जिला में नक्सलियों की स्थिति पर चर्चा की. समीक्षा के बाद संबंधित जिलों के एसपी को विभिन्न बिंदु पर निर्देश दिये गये. आइजी अभियान ने संबंधित जिलों के एसपी के कहा कि यूएपी एक्ट के तहत दर्ज केस में फरार नक्सलियों की अर्जित अवैध संपत्ति के बारे पता लगाकर इसे जब्त करने की दिशा में कार्रवाई करें. जेल से जमानत पर निकलने वाले उग्रवादियों और नक्सलियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखें और जमानतदार का सत्यापन करें. अन्य बिंदु पर भी निर्देश दिये गये.
बताया गया कि संबंधित जिलों के एसपी पूर्व में घटित ऐसे सभी मामलों की समीक्षा करेंगे, जो उग्रवाद से संबंधित हैं. रंगदारी/लेवी/धमकी आदि मामलों पर तत्काल केस दर्ज कार्रवाई करें. वहीं, पुनर्वास योजना के अंतर्गत नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद उनके संबंध में यह समीक्षा करें कि पुनर्वास योजना के अंतर्गत दिये जाने वाले संपूर्ण लाभ आत्मसमर्पित नक्सलियों को मिल रहे हैं या नहीं. उग्रवाद से संबंधित लंबित केस की समीक्षा कर जल्द से जल्द केस का निष्पादन करने, फरार नक्सलियों की गिरफ्तारी के लिए उनके खिलाफ पुरस्कार की घोषणा के लिए प्रस्ताव समर्पित करने का निर्देश दिया गया. सुदूरवर्ती एवं जंगल में स्थापित पुलिस पिकेट की नियमित से सिक्योरिटी ऑडिट करने का निर्देश दिया गया.



