


रांची.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से गुरुवार को झारखंड विधान सभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में झारखंड राजकीय पॉलिटेक्निक अंशकालीन व्याख्याता संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को रखा।
मुलाकात के दौरान संघ के सदस्यों ने एक ज्ञापन सौंपते हुए राज्य के राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों में कार्यरत अंशकालीन और नीड बेस्ड व्याख्याताओं की सेवा से जुड़े मुद्दों पर सरकार से सकारात्मक पहल करने की अपील की।
सेवा अवधि 65 वर्ष करने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री Hemant Soren को दिए गए ज्ञापन में प्रमुख रूप से यह मांग रखी कि झारखंड के सभी राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों में कार्यरत Need Based Lecturer की सेवा अवधि बढ़ाकर 65 वर्ष की जाए।
संघ के सदस्यों का कहना है कि कई वर्षों से संस्थानों में पढ़ा रहे अंशकालीन व्याख्याताओं के अनुभव और योगदान को देखते हुए उनकी सेवा अवधि बढ़ाना आवश्यक है। इससे शिक्षण कार्य की निरंतरता बनी रहेगी और तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
नियमावली की विसंगतियां दूर करने का आग्रह
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन के माध्यम से यह भी बताया कि वर्तमान नियमावली में कई प्रकार की विसंगतियां हैं, जिसके कारण अंशकालीन व्याख्याताओं को कई प्रशासनिक और व्यावसायिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
संघ के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि नियमों में मौजूद इन कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि शिक्षकों को स्थिरता और सम्मानजनक कार्य वातावरण मिल सके।
तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने पर जोर
संघ के सदस्यों का मानना है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेती है तो इससे राज्य के पॉलीटेक्निक संस्थानों में तकनीकी शिक्षा को और मजबूती मिलेगी। अनुभवी शिक्षकों की सेवा अवधि बढ़ने से छात्रों को बेहतर मार्गदर्शन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो सकेगी।
सरकार से सकारात्मक पहल की उम्मीद
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना। संघ के सदस्यों ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी और जल्द ही इस दिशा में उचित निर्णय लिया जाएगा।




