


DHANBAD।
पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक (GM) छत्रसाल सिंह ने शुक्रवार को बंधुआ–कोडरमा–धनबाद रेलखंड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया। यह निरीक्षण रेलवे ट्रैक की गुणवत्ता, संरक्षा व्यवस्था और संपूर्ण अवसंरचना की मजबूती का आकलन करने के लिए किया गया। इस दौरान जीएम के साथ मंडल और मुख्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
ट्रेलिंग निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने रेलखंड के विभिन्न स्टेशनों, पुल–पुलियों, ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) प्रणाली, पथ-रचना और ट्रैक मेंटेनेंस की स्थिति का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण की खास बात तब सामने आई जब ट्रेन की रफ्तार 150 किमी प्रति घंटे तक पहुँची, और कोच के भीतर रखे ग्लास में पानी बिल्कुल स्थिर रहा। यह दृश्य धनबाद मंडल द्वारा बनाए गए उत्कृष्ट ट्रैक स्ट्रक्चर, मजबूत पथ-रक्षण व्यवस्था और उच्च गुणवत्ता वाले अवसंरचना प्रबंधन का प्रत्यक्ष प्रमाण माना गया।
महाप्रबंधक ने सवारी गुणवत्ता की सराहना करते हुए कहा कि धनबाद मंडल ने ट्रैक संरक्षा और मेंटेनेंस में उन्नत तकनीकों को अपनाकर रेलवे की सुरक्षा को और अधिक मजबूत किया है। उन्होंने ट्रैक की मजबूती, मार्ग की विश्वसनीयता और ओएचई प्रणाली की स्थिरता को इस निरीक्षण का प्रमुख सकारात्मक पहलू बताया।
निरीक्षण के दौरान जीएम ने मंडल के अधिकारियों से बातचीत कर विभिन्न क्षेत्रों में सुधार की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पथ-रक्षण कार्यों में निरंतरता, समयबद्ध मरम्मत, आधुनिक मशीनों का उपयोग और संरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
महाप्रबंधक ने निरीक्षण के बाद अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए कि पूरे रेलखंड में संरक्षा, विश्वसनीयता और यात्री सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने कहा कि पूर्व मध्य रेलवे का लक्ष्य यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा प्रदान करना है, और इसके लिए सभी विभागों का समन्वित प्रयास आवश्यक है।
इस निरीक्षण के दौरान धनबाद मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक (ADRM) श्री अमित कुमार सहित मंडल के अन्य अधिकारी, तकनीकी कर्मचारी और रेलवे सुरक्षा से जुड़े टीम सदस्य उपस्थित थे। निरीक्षण का समापन रेलवे अधिकारियों द्वारा तैयार रिपोर्ट और आगे की रणनीति तय करने के साथ हुआ।
पूर्व मध्य रेलवे की ओर से किए गए इस व्यापक निरीक्षण को मंडल में सुरक्षित रेल संचालन और उच्च गुणवत्ता वाले ट्रैक मेंटेनेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



