
Ranchi. झारखंड में वर्तमान सूची से 1.61 करोड़ से अधिक मतदाताओं के माता-पिता का मिलान 2003 की मतदाता सूची से करने का काम पूरा हो गया है. 2003 में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) आखिरी बार हुआ था. एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी. अधिकारी ने बताया कि अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृतक और एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत श्रेणी के लगभग 12 लाख मतदाताओं की भी पहचान की गई है.
झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के रवि कुमार ने कहा कि राज्य में प्रस्तावित एसआईआर का पूर्व-संशोधन कार्य चल रहा है. कुमार ने कहा, ‘राज्य की वर्तमान सूची के 1,61,55,740 मतदाताओं का पिछली एसआईआर की मतदाता सूची के साथ उनके माता-पिता के नाम के आधार पर मिलान का काम पूरा हो चुका है.’

सीईओ ने माता-पिता के नाम के आधार पर मिलान प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए मंगलवार को विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) और उप निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, नोडल पदाधिकारी देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर और सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारी मौजूद रहे.

इन दो वेबसाइट पर जानकारी करें अपडेट
मंगलवार को निर्वाचन सदन में के रवि कुमार ने उन विधानसभा क्षेत्रों के ईआरओ और उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ बैठक की, जहां मैपिंग का काम अपेक्षाकृत धीमा है. सीईओ ने अधिकारियों से कहा कि हर योग्य मतदाता का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित किया जाए और पैतृक मैपिंग पूरी तरह पारदर्शी हो. उन्होंने बताया कि दूसरे राज्यों से आए मतदाताओं की जानकारी https://voters.eci.gov.in पर और झारखंड के मतदाताओं की जानकारी https://ceo.jharkhand.gov.in वेबसाइट पर अपडेट की जा सकती है.


