


RANCHI. रिम्स निदेशक डॉ राजकुमार ने सोमवार को सभी विभागाध्यक्षों के साथ बैठक की. इस दौरान उन्होंने निजी प्रैक्टिस, बाहर के लैब से जांच कराने और ड्यूटी अविधि का पालन करने को लेकर कड़ी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि हाइकोर्ट ने जो टिप्पणी दी हैं, उससे न्यायालय की मंशा समझ में आ जानी चाहिए. ऐसे में दोबारा आगाह किया जा रहा है. अगर अस्पताल परिसर के भीतर प्रैक्टिस की शिकायत मिली, तो बड़ी कार्रवाई की जायेगी. वहीं, रिम्स से बाहर निजी प्रैक्टिस करने पर सरकार देखेगी.
निदेशक ने यह भी स्पष्ट किया कि रिम्स में सभी तरह की जांच सुविधा उपलब्ध है. तीन लैब हैं, जिसमें सेंट्रल लैब भी है. ऐसे में अगर कोई भी डॉक्टर जांच के लिए बाहर के लैब का परामर्श देता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. अगर जांच लैब से कोई परेशानी हो रही है, तो उसकी जानकारी रिम्स प्रशासन को दी जाये. इसके अलावा ड्यूटी अविधि का पालन भी करना सुनिश्चित करायें. निदेशक ने विभागाध्यक्षों के माध्यम से सभी सीनियर और जूनियर डॉक्टरों को निर्देश दिया है.
हाईकोर्ट ने रिम्स शासी परिषद की बैठक आठ से 14 सितंबर के बीच करने का निर्देश दिया है. इसके बाद रिम्स प्रशासन ने बैठक कराने को लेकर रेस हो गया है. निदेशक सेल से सभी विभागाध्यक्षों को पत्र जारी किया गया है कि वह अपने विभाग की के प्रमुख एजेंडा भेजें. कैसे विभाग को बेहतर किया जा रहा है, उसका पूरा ब्योरा दें. समय कम होने की वजह से विभागाध्यक्षों द्वारा एजेंसी तैयार की प्रक्रिया भी शुरू हो गयी है. बता दें कि हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इस बार जीबी की बैठक में पर्यवेक्षक के रूप में रिटायर्ड जस्टिस रहेंगे.



