



Ranchi. झारखंड के तीन सेवानिवृत्त नौकरशाहों ने कई दशकों तक लोक नीति को आकार देने और विद्यालयों को बेहतर बनाने व स्वास्थ्य संस्थानों को मजबूत करने की दिशा में काम करने के बाद अब हर बच्चे तक अच्छी शिक्षा पहुंचाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई)-आधारित मोबाइल एप्लिकेशन की शुरुआत की है। पूर्व स्वास्थ्य सचिव एवं वर्तमान में अमेरिका के साउथ फ्लोरिडा यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर डॉ. शिवेंदु, राज्य की पूर्व शिक्षा सचिव मृदुला सिन्हा और पूर्व मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी ने सरकारी सेवा से अवकाश प्राप्त करने के बाद भी जनसेवा के अपने मिशन को जारी रखा।
नौकरशाहों ने कहा कि जनसेवा के मिशन का नतीजा ‘प्रीप्जी. एआई’ है, जो केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से सबंद्ध विद्यालयों के छठीं से 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए एआई आधारित व्यक्तिपरक अध्ययन मंच है। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य भारत की शिक्षा व्यवस्था की दशकों पुरानी समस्या को हल करना है, यानी सुविधा और क्षमता के बीच के अंतर को कम करना।
पूर्व नौकरशाह डॉ. शिवेंदु ने कहा कि यह ऐप हर बच्चे तक अच्छी शिक्षा पहुंचाएगा, चाहे वे कहीं भी रहते हों या उनके माता-पिता की कमाई कितनी भी हो। उन्हें झारखंड की स्वास्थ्य अवसंरचना को बेहतर बनाने का श्रेय दिया जाता है।
उन्होंने कहा, ”इस मंच को इस बात को ध्यान में रखकर बनाया गया है कि दूर-दराज के गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे को भी वैसा ही अच्छा शैक्षणिक मार्गदर्शन मिल सके, जैसा बड़े शहर के किसी शीर्ष निजी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे को मिलता है।” डॉ.शिवेंदु ने कहा कि यह एक मुफ़्त प्राथमिक संस्करण प्रदान करता है, जिससे व्यक्तिपरक एआई आधारित पढ़ाई उन परिवारों के लिए भी सस्ती हो जाती है जो निजी ट्यूशन पर हर महीने हज़ारों रुपये खर्च नहीं कर सकते।


