


Ranchi.झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के 13वें राष्ट्रीय महाधिवेशन में पार्टी ने बड़ा फैसला लिया है. झारखंड के मुख्यमंत्री सह झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन को केंद्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गयी है. वहीं, झामुमो के संस्थापक और वरिष्ठ नेता शिबू सोरेन को पार्टी का संरक्षक नियुक्त किया गया है. महाधिवेशन के दूसरे दिन, पार्टी संविधान में संशोधन कर इस फैसले पर मुहर लगाई गयी. इस बदलाव के बाद अब पार्टी की कमान पूरी तरह से हेमंत सोरेन के हाथों में आ गई है. इस निर्णय को झारखंड की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है. बात दें कि संविधान संशोधन कर पार्टी में कार्यकारी अध्यक्ष का पद समाप्त कर दिया गया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कार्यकारी अध्यक्ष का पद संभाल रहे थे. पार्टी ने संविधान संशोधन कर संस्थापक संरक्षक का नया पद बनाया है.
38 साल बाद नयी भूमिका में शिबू सोरेन
38 साल बाद झारखंड के पूर्व सीएम और झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष शिबू सोरेन ने यह पद छोड़ दिया. दिशोम गुरु शिबू सोरेन अब नयी भूमिका में हैं. वे झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक संरक्षक हैं. पार्टी में उनकी जगह झारखंड के मुख्यमंत्री और उनके पुत्र हेमंत सोरेन ने लिया है. शिबू सोरेन ने उन्हें पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी.
हेमंत सोरेन 10 वर्षों तक रहे कार्यकारी अध्यक्ष
हेमंत सोरेन को वर्ष 2015 के जमशेदपुर महाधिवेशन में झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली थी. इनके नेतृत्व में पार्टी ने दो-दो विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की. हेमंत सोरेन ने करीब 10 वर्षों तक पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष की जवाबदेही निभायी.
महाधिवेशन के पहले दिन 16 सूत्री राजनीतिक प्रस्ताव पारित
झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महाधिवेशन के पहले दिन सोमवार को 16 सूत्री राजनीतिक प्रस्ताव पारित किए गए थे. झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ विधायक स्टीफन मरांडी की ओर से पेश राजनीतिक प्रस्ताव में पार्टी ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर हल्ला बोला था. इसमें रोजगार और जमीन वापसी के मुद्दे पर राज्य की हेमंत सोरेन सरकार से मांग रखी गयी थी. राजनीतिक प्रस्ताव में कहा गया कि अल्पसंख्यक, एसटी और एससी के प्रतिनिधित्व पर हमला कर उनके अधिकारों में कटौती की जा रही है. परिसीमन संविधान के अनुच्छेद 80-81 के खिलाफ है. इसमें लोकसभा और राज्यसभा की संख्या निश्चित की गयी है.
शिबू सोरेन व्हिल चेयर पर बैठकर पहुंचे थे
सोमवार को दिशोम गुरु शिबू सोरेन व्हिल चेयर पर बैठकर झामुमो के 13वें महाधिवेशन में पहुंचे. इस मूमेंट की तस्वीर भी सामने आयी है जिसमें देखा जा सकता है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पिता शिबू सोरेन के पीछे खड़े हैं. हेमंत सोरेन व्हिल चेयर को पकड़े हुए दिखायी पड़ रहे हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा कर लिखा है कि झारखंड ही नहीं, पूरे देश-दुनिया के लोग आदरणीय दिशोम गुरुजी को आदर-सम्मान की नजरों से देखते हैं. आदरणीय दिशोम गुरुजी जी के नेतृत्व और असंख्य क्रांतिकारियों के संघर्ष और बलिदान के बाद हमें झारखंड अलग राज्य मिला. आदरणीय दिशोम गुरुजी ने झारखंड मुक्ति मोर्चा का जो विशाल पेड़ लगाया है, और जिस पेड़ की जड़ें झारखंड के घर-घर में फैली हुई हैं, उसे सींचने का काम हमें करना है. हमारे अगुआ नेताओं के संघर्ष को सम्मान देने का काम हमें करना है.



