सरायकेला-खरसावां। दुर्गा पूजा के दौरान लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग ने नगर परिषद कपाली क्षेत्र में मिठाई दुकानों, रेस्टोरेंट, ढाबों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान समाप्ति तिथि पार कर चुके खाद्य उत्पादों को बिक्री से हटवाकर नियमानुसार नष्ट कराया गया। वहीं, स्वच्छता संबंधी कमियां मिलने पर संबंधित कारोबारियों को सुधार करने की चेतावनी दी गई।
यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी रितेश कुमार और विशाल कुमार सिंह ने की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, संभावित मिलावट, साफ-सफाई और खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण की स्थिति की जांच की।
पनीर, छेना और मिठाइयों की गुणवत्ता की जांच
निरीक्षण के दौरान पनीर, छेना और अन्य खाद्य पदार्थों का मौके पर परीक्षण किया गया। मिठाइयों एवं दूसरे खाद्य उत्पादों में औद्योगिक या अमान्य रंगों के इस्तेमाल की भी जांच की गई। अधिकारियों ने कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने और ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
स्वच्छता में कमी पर कारोबारियों को चेतावनी
कुछ प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई और सैनिटेशन से संबंधित कमियां पाई गईं। इसके बाद संबंधित कारोबारियों को परिसर की स्वच्छता, खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण, उपकरणों की सफाई और कार्यस्थल की साफ-सफाई में सुधार करने को कहा गया।
भोजन तैयार करने और परोसने वाले कर्मचारियों को व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने तथा आवश्यक मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र उपलब्ध रखने की सलाह भी दी गई।
खाद्य सामग्री में इस्तेमाल होने वाले पानी की भी जांच के निर्देश
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों ने कारोबारियों को खाद्य पदार्थों के निर्माण और तैयारी में इस्तेमाल होने वाले पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही वैध जल परीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध रखने और सुरक्षित पेयजल का उपयोग करने को कहा गया।
नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि कपाली क्षेत्र में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा। जांच के दौरान मिली कमियों में सुधार नहीं करने या खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करना तथा उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा करना है।
