



Jamshedpur. साकची काशीडीह स्थित ठाकुर प्यारा सिंह धुरंधर सिंह दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन गुरुवार को हो गया है. उदघाटन मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद नेता प्रतिपक्ष एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के द्वारा किया गया. मंच पर श्री मरांडी के अलावा जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो एवं जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा दास साहू उपस्थित थी. साथ ही मंच में ठाकुर प्यारा सिंह धुरंधर सिंह के संरक्षक एव भाजपा के वरिष्ठ नेता अभय सिंह भी मौजूद थे. उदघाटन समारोह भव्य रूप से 11 पंडितों द्वारा मंत्रोचारण एव शंखध्वनि के साथ अतिथियों द्वारा फीता काटकर किया गया.

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी उन्हें जमशेदपुर की पूजा संस्कृति और पूजा पंडाल के विहंगम दृश्यों ने यहां अपनी ओर आकर्षित किया है. उन्होंने मां दुर्गा की उपासना एवं उससे जुड़े धार्मिक अर्थों पर भी प्रकाश डाला. साथ ही सभी मेंबरों को रहे दिल से धन्यवाद दिया, जिनके सहयोग से इस प्रकार का आयोजन सफल हो पाता है. क्लब के संरक्षक अभय सिंह ने क्लब की ऐतिहासिकता के साथ साथ मां दुर्गा के नौ रूपों का वर्णन कर हर रूप की महत्ता को दर्शकों के बीच समझाया एवं मां दुर्गा के नारी रूप में शक्ति की आराधना के अर्थ को भी समझाया.

इसके पश्चात विद्युत वरण महतो ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि हर वर्ष वे इस धार्मिक आयोजन का हिस्सा रहे हैं उन्होंने कहा कि इस बार बंगाल ही नहीं झारखंड के भी श्रमिकों ने इस पंडाल को बनाने में अपना श्रम दिया है, जो कि बधाई का पत्र है., जो कि बधाई का पत्र है. पूर्णिमा दास साहू जी ने मां दुर्गा के देवी के स्वरूप का गुणगान किया एवं हमारे समाज में नारी शक्ति, महिला शक्ति की महत्ता के विषय में अपने वक्तव्यों को रखा.
पूजा पंडाल में जानें क्या है खास
इस वर्ष ठाकुर प्यारा सिंह धुरंधर सिंह दुर्गा पूजा समिति का पंडाल पटमदा बंगाल के कारीगरों द्वारा बारीकी से किया गया है. इसमें तीन महीने का समय लगा है. पंडाल को बनाने में कारीगर काश, पुआल एवं एफआरपी का इस्तेमाल किया गया है. पंडाल तीन हिस्सों में विभाजित है. प्रथम चरण में पंडाल के अंदर प्रवेश करते ही गुजराती ढोल नृत्य, डांडिया के विहंगम दृश्य दर्शाए गए हैं.
दूसरे हिस्से में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन लीला के गोकुल लीला, मुरली रूप में, श्रीकृष्ण की कदम्ब में आठवार, माखन खाना, पूतना वध, कंस वध, कालिया नाग वध संहार को प्रदर्शित किया गया है. इसके पश्चात पंडाल के गर्भगृह में मां दुर्गा, सरस्वती, मां लक्ष्मी एवं भगवान श्री गणेश एवं श्री कार्तिकेय जी की भव्य विग्रह रूप वाली प्रतिमा को स्थापित किया गया है.



