


Kharsawan.खरसावां में छैरा पैरा पुरातन परंपराओं के बीच महाप्रभु जगन्नाथ संग बहन सुभद्रा व भाई बलराम की सवारी खरसावां के जगन्नाथ मंदिर से मौसीबाडी स्थित गुंडिचा मंदिर के लिए रवाना हुई. प्रभु जगन्नाथ की सारथी की भुमिका झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, खरसावां विधायक दशरथ गागराई, जिला आपुर्ति पदाधिकारी सत्येन्द्र महतो, प्रखंड बिकास पदाधिकारी प्रधान माझी, अंचल अधिकारी कप्तान सिंकू, थाना प्रभारी गौरव कुमार ने निभाई. प्रभु जगन्नाथ की सरकारी रथयात्रा को आकर्षण बनाने के लिए ओडिसा के कलाकारों के द्वारा घोन्टो बाजा की पारंपरिक धुन व देवदासी भेषभूषा के बीच निकाली गई.
जय जगन्नाथ के उदघोष एवं छैरा पैरा परंपराओं के तहत प्रभु जगन्नाथ बहन सुभद्रा व बडे भाई बलराम की प्रतिमा को पूजनोपरांत रथ की परिक्रमा कर एक-एक कर रथ पर विराजमान किया गया. सैकडों श्रद्वालुओं ने प्रभु जगन्नाथ के गुनगान के साथ रथ खिंचाई शुरू की. जैसे-जैसे रथ बढ़ता रहा, लगा महाप्रभु जी सबको अपने साथ लिए बढ़ रहे है. करीब एक किमी के यात्रा में मार्ग पर सिर्फ भक्त और भगवान दिखे. प्रभु जगन्नाथ की यात्रा विभिन्न अनुष्ठानों के साथ देर शाम तक मौसीबाडी तक सफर किया. मौसीबाडी में प्रभु जगन्नाथ के पहुंचने पर विशेष पूजा अर्चना की गई.



