


Maharashtra Budget : महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को राज्य का बजट पेश किया. वित्त मंत्री अजित पवार ने 2025-26 के लिए राज्य सरकार का बजट पेश कर दिया है. महाराष्ट्र सरकार ने बजट में लाड़की बहन योजना के लिए 36,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. इसके अलावा सभी नगर पालिकाओं में सीवेज के पानी को साफ करने के लिए योजना लाई गई है. इसके लिए 8200 करोड़ रुपये का अवंटन किया गया है. मुंबई और पुणे के बीच नई मेट्रो लाइन की भी घोषणा की है. अपने बजट भाषण के दौरान अजित पवार ने पीएम मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्रीय बजट में प्रावधानों के कारण, राज्य में कई परियोजनाओं को पर्याप्त धन प्राप्त होगा. लोगों की ओर से, मैं प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देता हूं,
सड़कों के लिए 6,589 करोड़ का बजट, कृषि क्षेत्र में होगा एआई का इस्तेमाल
वित्त मंत्री अजित पवार ने बताया कि चरण-3 के अंतर्गत 755 किलोमीटर लंबी सड़कों के लिए 6589 करोड़ रुपये की लागत के 23 काम शुरू किए गए हैं. कृषि क्षेत्र के विकास के लिए एआई का इस्तेमाल किया जाएगा. इसके तहत पहले चरण में 1 लाख एकड़ कृषि भूमि को कवर करते हुए 50,000 किसानों को लाभ मिलेगा.
मुंबई और पुणे में 64.4 किमी मेट्रो लाइनें बिछाई जाएंगी, नयी उद्योग नीति में 40 लाख करोड़ का होगा निवेश
अगले एक साल में मुंबई और पुणे में 64.4 किमी मेट्रो लाइनें बिछाई जाएंगी. वहीं सरकार ने ठाणे को नवी मुंबई हवाई एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए ठाणे से नवी मुंबई तक एलिवेटेड रोड की घोषणा की है. नवी मुंबई में 250 एकड़ में नई इनोवेशन सिटी बनेगी. महाराष्ट्र में नई उद्योग नीति घोषित होगी. इसके तहत 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 50 लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है. बजट पेश करते हुए अजित पवार ने घोषणा की है कि नवी मुंबई में 250 एकड़ में नई इनोवेशन सिटी बनाई जाएगी.
1,000 से अधिक आबादी वाले 3,582 गांवों में 14,000 किलोमीटर बनेंगी सड़कें
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना फेज-3 के तहत 1,000 से अधिक आबादी वाले 3,582 गांवों को 14,000 किलोमीटर सीमेंट कंक्रीट सड़कों के साथ प्रमुख जिला सड़कों, राज्य राजमार्गों या राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ा जाएगा. इस परियोजना की कुल लागत 30,100 करोड़ रुपये है. प्रथम चरण में 8,000 करोड़ रुपये के कार्य किये जाएंगे.
सांगली जिले में म्हैसल उपसा सिंचाई योजना के लिए 1,594 करोड़ रुपये की 200 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना को मंजूरी दी गई है. इस बीच, गोसीखुर्द राष्ट्रीय परियोजना ने दिसंबर 2024 तक पहले ही 12,332 हेक्टेयर के लिए सिंचाई क्षमता तैयार कर ली है. 2025-26 के लिए प्रस्तावित 1,460 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ, परियोजना जून 2026 तक पूरा होने की राह पर है.
‘एक जिला, एक उत्पाद’ पहल लागू की जाएगी और जिलों को निर्यात केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा. राज्य ने एक लॉजिस्टिक्स नीति बनाई है, जिसके तहत 10,000 एकड़ जमीन लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे के विकास के लिए समर्पित की जाएगी



