

जमशेदपुर: सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र में होटल कारोबारी एवं रियल एस्टेट व्यवसायी निखार सबलोक की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में कथित साजिशकर्ता अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव और वारदात को अंजाम देने वाला एक शूटर भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, शूटर को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया है।
24 अगस्त को होटल के बाहर हुई थी गोली मारकर हत्या
निखार सबलोक की 24 अगस्त को चांडिल थाना क्षेत्र के एनएच-33 स्थित कांडरबेड़ा के होटल 10th Mile के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 33 वर्षीय निखार अपने कुछ परिचितों के साथ जमीन से जुड़े सौदे को अंतिम रूप देने के लिए होटल पहुंचे थे।
बताया गया कि बैठक समाप्त होने के बाद जब निखार होटल से बाहर निकल रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल जमशेदपुर स्थित टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल से पुलिस ने गोली के खोखे भी बरामद किए थे।
जमशेदपुर और सरायकेला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
बुधवार को जमशेदपुर एसएसपी कार्यालय में जमशेदपुर पुलिस और सरायकेला-खरसावां जिला पुलिस ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले के अनुसंधान में हुई प्रगति की जानकारी दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक ऐहतेशाम वकारिब और सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गीयारी मौजूद रहे।
अधिकारियों के मुताबिक, दोनों जिलों की पुलिस ने संयुक्त रूप से झारखंड के विभिन्न इलाकों के अलावा उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में भी छापेमारी की। इसी कार्रवाई के दौरान छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में जमशेदपुर निवासी सुनील रजक, रितेश सिंह और सुशील केराई तथा उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के राज कुमार सिंह और अंकित सिंह शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस ने मामले के कथित साजिशकर्ता अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव को भी गिरफ्तार किया है।
दो पिस्तौल और वारदात में इस्तेमाल कार बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो पिस्तौल बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों हथियारों की मैगजीन में क्रमशः तीन और चार गोलियां लोड थीं। इसके अलावा हत्या में इस्तेमाल की गई कार को भी बरामद कर लिया गया है।
एसएसपी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे जमीन संबंधी विवाद का एंगल सामने आया है। हालांकि पुलिस ने किसी एक कारण को अंतिम रूप नहीं दिया है और मामले के सभी संभावित पहलुओं की जांच जारी है। इसमें आपसी रंजिश, कारोबारी विवाद और संभावित गैंगवार के एंगल की भी जांच की जा रही है।
15 लाख रुपये की सुपारी का भी सामने आया एंगल
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि जेल में बंद अपराधी अखिलेश सिंह और गणेश सिंह गिरोह के बीच कथित वर्चस्व की लड़ाई का निखार सबलोक हत्याकांड से कोई संबंध है या नहीं।
अधिकारियों के मुताबिक, कुछ राज्यों में पुलिस की छापेमारी अभी भी जारी है। प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि हत्या को अंजाम देने के लिए अपराधियों को कथित तौर पर 15 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। पुलिस इस पूरे नेटवर्क और हत्या की साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।


