Close Menu
Lahar ChakraLahar Chakra
  • Jamshedpur
  • Jharkhand
  • Bihar
  • National
  • Politics
  • Crime
  • Elections
  • Automobile
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) YouTube Instagram
Lahar ChakraLahar Chakra
  • Home
  • Jamshedpur
  • State
    • Jharkhand
    • Bihar
  • National
  • Politics
  • Crime
  • Elections
  • Automobile
Lahar ChakraLahar Chakra
  • Jamshedpur
  • Jharkhand
  • Bihar
  • National
  • Politics
  • Crime
  • Elections
  • Automobile
Home»Breaking News»कोविड टीकाकरण और अचानक मौतों में कोई संबंध नहीं: ICMR-AIIMS अध्ययन
Breaking News

कोविड टीकाकरण और अचानक मौतों में कोई संबंध नहीं: ICMR-AIIMS अध्ययन

जीवनशैली और पहले से मौजूद स्थितियों को इन मौतों के पीछे का प्रमुख कारक माना गया
News DeskBy News DeskJuly 2, 2025Updated:July 2, 2025
Facebook Twitter WhatsApp Telegram Email LinkedIn Copy Link
Share
Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Email Copy Link

डेस्क।

देश की कई एजेंसियों के माध्यम से अचानक हुई मौतों के मामले की जांच की गई है। इन अध्ययनों से पता चला है कि कोविड-19 टीकाकरण और देश में अचानक हुई मौतों के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है।

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) के किए गए अध्ययनों से पुष्टि हुई है कि भारत में कोविड-19 के टीके सुरक्षित और प्रभावी हैं और इनमें गंभीर दुष्प्रभावों के मामले बहुत कम देखने को मिलते हैं। यह निष्कर्ष भी निकला है कि हृदय संबंधी कारणों के चलते अचानक मौत के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें आनुवंशिकी, जीवनशैली, पहले से मौजूद बीमारियां और कोविड के बाद की जटिलताएं शामिल हैं।

READ MORE :Monsoon: जमशेदपुर समेत पूरे झारखंड में छह जुलाई तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का अनुमान, कोल्हान में कुछ जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट

Chakardharpur: मुंबई-शालीमार समरसता एक्सप्रेस के स्लीपर कोच एस-7 के टॉयलेट में फंदे से लटका मिला यात्री का शव, हड़कंप

आईसीएमआर और एनसीडीसी, खासकर 18 से 45 साल के बीच के लोगों में अचानक होने वाली मौतों के पीछे के कारणों को समझने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। इसका पता लगाने के लिए, अलग-अलग शोध दृष्टिकोणों के जरिए दो अध्ययन किए गए हैं- पहला, पिछले डेटा पर आधारित और दूसरा, वर्तमान की जांच पर आधारित। आईसीएमआर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी (एनआईई) द्वारा किए गए पहले अध्ययन का शीर्षक था ‘भारत में 18-45 वर्ष की आयु के वयस्कों में अचानक होने वाली मौतों से जुड़े कारक-एक बहुकेंद्रित अध्ययन।’ यह अध्ययन मई से अगस्त 2023 तक 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 47 क्षेत्रीय अस्पतालों में किया गया था। इसमें ऐसे व्यक्तियों पर ध्यान केंद्रित किया गया जो स्वस्थ दिख रहे थे लेकिन अक्टूबर 2021 और मार्च 2023 के बीच अचानक उनकी मृत्यु हो गई। निष्कर्षों से साबित हुआ है कि कोविड-19 टीकाकरण से युवा वयस्कों में अचानक होने वाली मौतों का जोखिम नहीं बढ़ता है।

READ MORE :Jamshedpur News :डूरंड कप ट्रॉफी टूर से पहले XLRI सभागार का निरीक्षण, उपायुक्त और SSP ने दिए निर्देश

दूसरा अध्ययन का शीर्षक है ‘युवाओं में अचानक होने वाली मौतों के कारणों का पता लगाना’। इसे वर्तमान में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली द्वारा आईसीएमआर के वित्त पोषण व सहयोग से किया जा रहा है। इस अध्ययन का उद्देश्य वयस्कों में अचानक होने वाली मौतों के सामान्य कारणों का पता लगाना है। अध्ययन के आंकड़ों के शुरुआती विश्लेषण से पता चलता है कि दिल का दौरा या मायोकार्डियल इंफार्क्शन (एमआई) इस आयु वर्ग में अचानक मौत का प्रमुख कारण बना हुआ है। महत्वपूर्ण बात यह है कि पिछले वर्षों की तुलना में इन कारणों के पैटर्न में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है। ऐसे अधिकांश अस्पष्टीकृत मौतों के मामलों में, इनके संभावित कारण के रूप में आनुवंशिक उत्परिवर्तन की पहचान की गई है। अध्ययन पूरा होने के बाद अंतिम परिणाम साझा किए जाएंगे।

Jamshedpur: टाटा स्टील के सुरक्षा विभाग की टीम ने कंपनी परिसर में चोरी की नीयत से घूम रहे जुगसलाई के दो युवकों को पकड़ा

ये दो अध्ययन भारत में युवा वयस्कों में अचानक होने वाली अस्पष्टीकृत मौतों के बारे में अधिक व्यापक जानकारी प्रदान करते हैं। यह भी पता चला है कि कोविड-19 टीकाकरण से जोखिम नहीं बढ़ता है जबकि अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्याओं, आनुवंशिक प्रवृत्ति और जोखिम भरी जीवनशैली अचानक मौतों में भूमिका निभाती है।

READ MORE :Jamshedpur: जमशेदपुर से फरार प्रेमी जोड़े उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार, पुलिस गिरफ्त में ऐसे आये दोनों, अप्रैल माह से थे फरार, लड़की की मां ने दर्ज कराया था केस

वैज्ञानिक विशेषज्ञों ने दोहराया है कि कोविड टीकाकरण को अचानक होने वाली मौतों से जोड़ने वाले बयान झूठे और भ्रामक हैं और वैज्ञानिक आम सहमति से समर्थित नहीं हैं। निर्णायक सबूतों के बिना अटकलें लगाने वाले दावों से उन टीकों में जनता का भरोसा कम होने का जोखिम है, जिसने महामारी के दौरान लाखों लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसी निराधार रिपोर्ट और दावे देश में वैक्सीन को लेकर लोगों में संकोच बढ़ा सकते हैं जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

Share. Facebook Twitter WhatsApp LinkedIn Telegram Email Copy Link

Related Posts

Chakardharpur: मुंबई-शालीमार समरसता एक्सप्रेस के स्लीपर कोच एस-7 के टॉयलेट में फंदे से लटका मिला यात्री का शव, हड़कंप

October 17, 2026

Jamshedpur: टाटा स्टील के सुरक्षा विभाग की टीम ने कंपनी परिसर में चोरी की नीयत से घूम रहे जुगसलाई के दो युवकों को पकड़ा

October 17, 2026

Ghatsila: धालभूमगढ़ में एनएच-18 पर जोड़शोल के पास तेज रफ्तार स्कॉर्पियो पहले गार्डवाल से टकराई, फिर सड़क के डिवाइडर से जा भिड़ी

October 17, 2026
Recent Post

Chakardharpur: मुंबई-शालीमार समरसता एक्सप्रेस के स्लीपर कोच एस-7 के टॉयलेट में फंदे से लटका मिला यात्री का शव, हड़कंप

October 17, 2026

Jamshedpur: टाटा स्टील के सुरक्षा विभाग की टीम ने कंपनी परिसर में चोरी की नीयत से घूम रहे जुगसलाई के दो युवकों को पकड़ा

October 17, 2026

Ghatsila: धालभूमगढ़ में एनएच-18 पर जोड़शोल के पास तेज रफ्तार स्कॉर्पियो पहले गार्डवाल से टकराई, फिर सड़क के डिवाइडर से जा भिड़ी

October 17, 2026

Jamshedpur: कारोबारी रंजिश में हत्या की बड़ी साजिश नाकाम, जुगसलाई पुलिस ने चार लोगों को हथियारों और कारतूसों के साथ किया गिरफ्तार

October 17, 2026

Rail Board ने Station Master के पद पर सीधी भर्ती की न्यूनतम आयु 18 से बढ़ाकर 20 वर्ष की

October 17, 2026
Advertisement
© 2026 Lahar Chakra. Designed by Launching Press.
  • Privacy Policy
  • Terms
  • Accessibility

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

Join Laharchakra Group