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NTPC में 4 दिन से काम बंद रहने से करोड़ों का नुकसान, दफ्तर से नहीं निकल रहे अधिकारी, लोडिंग ठप

हजारीबाग. NTPC केरेडारी में कार्यरत डीजीएम डिस्पैच कुमार गौरव की 8 मार्च की गोली मार कर हत्या कर दी गई. इस घटना को आज पाचवां दिन है. इस हत्याकांड के बाद NTPC कर्मचारियों और अधिकारियों में दहशत है. आलम यह है कि इलाके के विभिन्न कोल ब्लॉक से कोयला तो निकाला जा रहा है पर थर्मल प्लांटों में कोयले की आपूर्ति नहीं हो रही है. हजारीबाग के NTPC कोल ब्लॉक से देश के 32 अलग-अलग थर्मल पावर प्लांट को कोयले की आपूर्ति की जाती है.

इधर हत्याकांड के बाद मंगलवार को हजारीबाग में डीजीपी अनुराग गुप्ता ने मैराथन बैठक की. इस बैठक में एनटीपीसी के ‎परियोजना प्रमुख फैज तैयब समेत 6 ‎वरिष्ठ अधिकारी सहित पुलिस महकमें के आला अधिकारी मौजूद रहे. बैठक के दौरान डीजीपी ने भरोसा दिलाया कि एनटीपीसी के पदाधिकारी व कर्मी‎ पुलिस सुरक्षा में कार्यस्थल पर ले जाए जाएंगे. इन्हें पर्याप्त ‎सुरक्षा मिलेगी. इसके बाद भी कर्मियों को भरोसा नहीं हो पा रहा है.
बैठक के बाद सुरक्षा दिए जाने की बात अभी आश्वासन तक ही है. अधिकारियों और कर्मचारियों को अभी सुरक्षा नहीं दी गई है. ऐसे में सभी पिछले चार दिन से तय समय पर दफ्तर पहुंच तो रहे हैं पर फिल्ड में काम करने नहीं जा रहे हैं. कोल माइनिंग परियोजना हजारीबाग के सेक्रेटरी जनरल विभूति नारायण सिंह कहते हैं कि हम ऑफिस तो आ रहे हैं पर फिल्ड में जाने को लेकर सहज महसूस नहीं कर पा रहे हैं.

घर-परिवार में भी इसे लेकर चिंता लोग कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि NTPC की तमाम परियोजनाओं का ट्रांजिट कैंप एक ही है तो सभी अधिकारी और कर्मचारी ऑफिस पहुंचते हैं. यहां हम कम से कम सुरक्षित महसूस कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि दिन के उजाले में घटना हो जा रही है. ऐसे में जहां काम करना होता है वह जंगल का रास्ता है. वहां कैसे जा पाएंगे.

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