


New Delhi.सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां पेट्रोल पर लगभग 20 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर लगभग 100 रुपये प्रति लीटर का नुकसान उठा रही हैं। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमत को बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने विधानसभा चुनाव के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतें 25-28 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए जाने का दावा करने वाली खबरों को खारिज कर दिया और कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर एक संवाददाता सम्मेलन में पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि कच्चे तेल और एलपीजी की अंतरराष्ट्रीय कीमतें बहुत अस्थिर रही हैं। फिर भी सरकार ने कीमतें नहीं बढ़ाई हैं।
उन्होंने बताया कि कच्चा तेल पिछले साल 70 डॉलर प्रति बैरल था और इस महीने औसतन 113 डॉलर से अधिक रहा। ”भारी वृद्धि के बावजूद सरकार ने कीमतें नहीं बढ़ाई हैं और सरकार का प्रयास कीमतों को स्थिर रखने का रहा है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी दी, ‘‘कुछ खबरों में पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ने की बात कही जा रही है। स्पष्ट किया जाता है कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।



