



New Delhi. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और कई अन्य कांग्रेस नेताओं ने छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस्तीफे की मांग करते हुए मंगलवार को उनके आवास के निकट धरना दिया, हालांकि पुलिस ने उन्हें ‘बलपूर्वक’ हटा दिया। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह द्वारा राहुल गांधी से मिलकर बातचीत के बाद जब धरना समाप्त नहीं हुआ, तो पुलिस ने राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी, और कई अन्य नेताओं को ‘7 लोक कल्याण मार्ग’ के निकट से ‘बलपूर्वक’ हिरासत में लिया और उन्हें बस में बैठाकर ले गई।
पुलिस द्वारा उठाए जाने के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने जोरदार प्रतिरोध भी किया। हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि सरकार चाहे कुछ भी कर ले, इंसाफ की लड़ाई नहीं रुकने वाली है। उन्होंने कहा, मोदी जी, हर जोर आजमा लो, सारी ताकत लगा लो – छात्रों के इंसाफ की ये लड़ाई अब रोके न रुकेगी।’’ कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी को ‘बलपूर्वक’ और ‘घसीटते हुए’ उठाया गया, जिससे उन्हें नाक में चोट भी आई। हिरासत में लिए जाते समय प्रियंका गांधी ने ‘नरेन्द्र मोदी कायर हैं’ का नारा भी लगाया।
हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी और अखिलेश यादव को मॉडल टाउन इलाके में छत्रसाल स्टेडियम ले जाया, जबकि पुलिस प्रियंका गांधी को मंदिर मार्ग थाने ले गई। बाद में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी भी मंदिर मार्ग थाने पहुंचीं और प्रियंका गांधी से मुलाकात की। कुछ देर के बाद कांग्रेस नेताओं को रिहा कर दिया गया। मंदिर मार्ग थाने से बाहर आने के बाद प्रियंका गांधी ने संवाददाताओं से कहा, “जब हम संसद में चर्चा चाहते हैं, चर्चा नहीं की जाती है जब नेता विपक्ष संसद में अपनी बात रखना चाहते हैं, उन्हें मौका नहीं दिया जाता, इसलिए आज हम वहां पहुंच गए, जहां सरकार को उम्मीद ही नहीं थी।


